
लखनऊ : राजधानी सोमवार की रात दफ्तर से घर लौट रही महिला रिपोर्टर के साथ अलीगंज जैसे व्यस्त इलाके में कार सवार गुंडों ने छेड़खानी की। रिपोर्टर के विरोध करने पर गुंडों ने रिपोर्टर को कार से दौड़ाया और ओवरटेक करके उसकी कार रोक ली। इसके बाद अभद्रता करते हुए मारपीट की।उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने नवभारत टाइम्स की महिला पत्रकार के साथ सोमवार रात हुए दुर्व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की है.
समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने इस घटना के दोषियों पर कड़ी कारवाई की मांग करते हुए डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा से बात की. उन्होंने महिला पत्रकार के साथ अभद्रता की कड़ी निन्दा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. समिति अध्यक्ष ने कहा कि घटना के दोषियों की अविलम्ब गिरफ़्तारी की जाये और उन्हें कड़ी सजा दी जाये. हेमंत तिवारी से बातचीत के बाद डीजीपी ने एसएसपी से फ़ोन पर घटना की पूरी जानकारी ली और तुरंत दबिश देने के लिए कहा . डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह ने दोषियों की अविलम्ब गिरफ़्तारी का आश्वासन देते हुए कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाये जायेंगे.
जानकारी के मुताबिक दैनिक समाचार पत्र में कार्यरत रिपोर्टर सोमवार की रात करीब दस बजे अपनी कार से अलीगंज के सेक्टर बी स्थित अपने घर जा रही थी। निशातगंज पुल के पास से फिएट एवेंचुरा गाड़ी (यूपी 60 एक्स 9696) ने रिपोर्टर की गाड़ी को फॉलो करना शुरू कर दिया। कार सवार फॉलो करते हुए लगातार हार्न बजा रहे थे। रिपोर्टर इस घटना को नजरअंदाज करके आगे बढ़ी तो उनका दुस्साहस बढ़ गया। उन लोगों ने रास्ते में रिपोर्टर की कार को ओवरटेक करते हुए रोकने की कोशिश की।
रिपोर्टर किसी तरह से आगे बढ़ी। इस पर गुंडो ने रिपोर्टर की कार को पीछे से दौड़ाया। रिपोर्टर ने विरोध किया तो कार सवार तीनों युवक अभद्रता करने लगे। रिपोर्टर ने पुलिस को फोन करने और कार सवारों की रिकॉर्डिंग के लिए मोबाइल फोन निकाला तो उसके साथ हाथापाई करने लगे। रिपोर्टर ने शोर मचाया तो वे सत्तारूढ़ दल के नेताओं का नाम लेकर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
उनके जाने के बाद रिपोर्टर ने मदद के लिए 100 नंबर पर फोन मिलाया लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद रिपोर्टर ने अपने दफ्तर में सहकर्मियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस से संपर्क हुआ और अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपियों और उनकी कार को तलाश नहीं पाई। कार के नंबर के बारे में पता किया गया तो बताया गया कि कार बलिया के जिला पंचायत में तैनात एडीओ जय प्रकाश सिंह की पत्नी मीरा सिंह के नाम पर है। लखनऊ पुलिस ने बलिया के एसपी को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने अज्ञात कार सवारों के खिलाफ अलीगंज थाने में छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कर लिया है।
17 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि एसपी बलिया आरपी सिंह को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। बताया गया है कि जयप्रकाश सिंह का बेटा सोनू सिंह सोमवार को लखनऊ में था। जयप्रकाश सिंह से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वह फोन नहीं उठा रहे हैं। उनके बेटे व उससे जुड़े लोगों को मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। आरोपियों की कॉल डिटेल निकलवा कर उनकी तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम को पड़ताल में लगाया गया है।
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