
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का आज 28वां प्रसारण है। पीएम मोदी ने संबोधन के शुरुआत में 26 जनवरी पर बात करते हुए कहा कि सबने उमंग और उत्साह से गणतंत्र दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि देश में, नागरिकों के कर्तव्यों और नागरिक अधिकारों पर जितनी बहस होनी चाहिए वो अभी नहीं हो रही है। मोदी ने जम्मू-कश्मीर में हिमस्खलन में जान गंवाने वाले जवानों को भी श्रद्धांजलि दी। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है ये सही समय है जब मैं विद्यार्थी दोस्तों से, उनके अभिवावकों से बात करूं। उन्होंने कहा कि अगर आप तनाव में हैं तो विचार प्रक्रिया में ठहराव आ जाता है। ‘स्माइल मोर, स्कोर मोर’, जब आप खुश होते हैं तो ज्यादा रिलैक्स होते हैं। इसलिए खुश होकर एग्जाम दीजिए।
-परीक्षा का जीवन की सफलता-असफलता से कोई लेना-देना नहीं होता।
-परीक्षा देने वाले छात्रों को तनाव मुक्त रहें और ‘स्माइल मोर, स्कोर मोर’ का मंत्र अपनाएं।
-बच्चें के अभिभावक परिवार में बनाएं उत्सव जैसा माहौल।
-पूरा परिवार एक टीम के रूप में इस उत्सव को सफल करने के लिए अपनी-अपनी भूमिका उत्साह से निभाए।
-निर्णय आपको करना है कि परीक्षा को आप खुशी का मौका मानेंगे या दबाव का। जो खुशी का मौका मानेगा, वो पाएगा और जो दबाव मानेगा, वो पछताएगा।
-हम लोग कितने अनुशासनहीन हैं, लेकिन जब 40-45 दिन चलने वाले कुंभ मेलों की व्यवस्था देखें, तो पता चलता है कि ये अस्थायी व्यवस्था होते हुए भी लोगों में कितना अनुशासन है।
-अगर हम तनाव में है, तो अपनी चीजें हम भूल जाते हैं और आराम से हैं, तो ऐसी-ऐसी चीजेें याद आ जाती हैं, जो बहुत काम आती हैं।
-आप जो परीक्षा देने जा रहे हैं, वह साल भर आपने जो पढ़ाई की है, उसकी परीक्षा है। ये आपके जीवन की कसौटी नहीं है। आपने कैसा जीवन जिया, कैसा जीवन जी रहे हो, कैसा जीवन जीना चाहते हो, उसकी परीक्षा नहीं है।
-30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सभी देशवासी सुबह 11 बजे 2 मिनट का मौन रखकर देश के लिए प्राण न्योैछावर करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दें।
-सेना के प्रति आदर का भाव होना चाहिए।
-1 फरवरी को तटरक्षक बल के 40 वर्ष पूरे होने के अवसर पर तटरक्षक बल की सेवाओं के लिए उन्हें बधाई दी।
-तटरक्षक बल के अधिकारियों एवं जवानों को राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए धन्यवाद
-यह गर्व की बात है कि तटरक्षक बल देश में निर्मित अपने सभी 126 पोतों और 62 विमान के साथ विश्व के 4 सबसे बड़े तटरक्षक बल के बीच अपना स्थान बनाए हुए है।‘वयम्रक्षाम:’ के आदर्श वाक्य को चरितार्थ करते हुए, देश की समुद्री सीमाओं और समुद्री परिवेश को सुरक्षित करने के लिए बल के जवान प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दिन-रात तत्पर रहते हैं।
-बहुत कम लोगों को मालूम है कि इस बल में महिलाएं भी शामिल हैं जो पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर समान रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, उनको सलाम।
-देशवासियों को अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना जरूरी है।
-अधिकार और कर्तव्य की दो पटरियों पर ही, भारत के लोकतंत्र की गाड़ी तेज गति से आगे बढ़ सकती है।
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