चौक डकैती का खुलासा ,लूटे गए गहने और रकम पर अभी भी सस्पेन्स


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लखनऊ। 5 दिन पूर्व रविवार की रात चौक कोतवाली से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर मुकुन्द ज्वैलर्स की दुकान मे हुई करोड़ो रूपए की डकैती की वारदात का गुरूवार को एसएसपी मंजिल सैनी ने चौक कोतवाली प्रांगढ़ मे एक जनसभा रूपी प्रेसवार्ता कर वारदात का खुलासा कर दिया। शायद ये पहला मौका था जब किसी वारदात के खुलासे के सम्बन्ध मे की गई प्रेस वार्ता को खुले आसमान के नीचे रखा गया था जनसभा रूपी प्रेस वार्ता मे सैकड़ो की तायदात मे आम लोग भी मौजूद थे। घटना स्थल से डेढ़ सौ मीटर की दूरी परचौक  कोतवाली मे खुले आसमान के नीचे प्रेस वार्ता कर रही एसएसपी मंजिल सैनी मे गजब का उत्साह देखने को मिला लेकिन वारदात के पाॅच दिन बीत जाने के बावजूद भी एसएसपी ये नही बता पाई की डकैतो ने प्रवीण रस्तोगी की दुकान मे उन्हे व उनके पुत्र जितांशु रस्तोगी को घायल कर कितने जेवर और कितनी नकदी लूटी थी।

एसएसपी ने भीड़ से घिरे पत्रकारो को बताया कि वादी मुकदमा कई बार अपने बयान बदल चुका है एक बार उसने 30 किलो सोना लूटे जाने की बात बताई तो दूसरी बार 35 किलो सोना लूटे जाने की बात कही लेकिन पीड़ित ने पुलिस को लिखित तौर पर लूटे गए सोने और नकदी के बारे मे सख्या या वजन नहीं बताया । एसएसपी ने बताया कि डकैती की इस वारदात मे शामिल दो लुटेरो को रायबरेली के लालगंज कोतवाली इन्स्पेक्टर ने लालगंज रायबरेली के निवासी राज बहादुर लोध और हरि विलास सिंह को गिरफतार कर उनकी निशान देही पर उसके रिश्तेदार सीतापुर निवासी मनीष अवस्थी के घर से लगभग दो किलो आठ सौ ग्राम सोने के जेवरात बरामद किए है एसएसपी के अनुसार वारदात मे कुल आठ लोग शामिल थे जिसमे से एक व्यक्ति लोकल का रहने वाला है जिसने पूरी वारदात का ताना बाना बुना था उन्होने बताया कि वारदात मे शामिल अन्य अभियुक्तो की गिरफतारी के प्रयास जारी है जल्द ही अन्य अभियुक्तो को गिरफतार करने का प्रयास किया जाएगा।

आज महज रस्म अदायगी
हमेशा की तरह से ही पुलिस महकमे के कुछ लोगो द्वारा डकैती की इस वारदात के खुलासे की जानकारी भी मीडिया को गुपचुप तरीके से उपलब्ध करा दी गई थी अधिक्तर समाचार पत्रो ने वारदात के खुलासे की पूरी खबर गुरूवार के अंक मे ही जनता के लिए प्रकाशित कर दी थी लेकिन कुछ समाचार पत्र इस सनसनी खेज वारदात के खुलासे की खबर से महरूम रह गए। सूत्रो के अनुसार प्रत्येक थाने मे कुछ ऐसे पुलिस कर्मी है जो कुछ पत्रकारो की वाहवाही लूटने के लिए घटना के औपचारिक खुलासे से पहले ही गुपचुप तरीके से जानकारी उपलब्ध करा देते है इस वारदात के खुलासे मे भी यही हुआ जो समाचार पत्र मध्यम स्तर के माने जाते है उन समाचार पत्रो मे वारदात केे इस खुलासे की खबर प्रकाशित नही हो पाई। पुलिस के इस पक्षपात पूर्ण रवैयो से तमाम पत्रकारो मे नारजगी भी साफ नजर आई।

पत्रकार वार्ता मे रहा अफरा तफरी का माहौल
मुकुन्द ज्वैलर्स मे हुई सनसनी खेज वारदात के खुलासे के लिए चैक कोतवाली मे बुलाई गई जनसभा रूपी प्रेस वार्ता के दौरान अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला पत्रकारो के लिए बिछाई गई चन्द कुर्सियों पर स्थानीय लोग और व्यापारी विराजमान थे जो कुर्सियो पर बैठ कर चुनाव सम्बन्धित वार्तालाप करते हुए देखे गए यही नही कुर्सियो पर बैठे कुछ लोग तो आपस मे जोर जोर से ऐसी बाते कर रहे थे जो इस तरह की प्रेस वार्ता के दौरान कतई उचित नही है एसएसपी के सामने पड़ी कुर्सियो पर तीसरी लाईन मे बैठे दो अन्जान व्यक्तियों को आपस मे धार्मिक उन्माद भड़काने वाली बाते करते हुए भी सुना गया। इसी बीच पता नही पीछे क्या हुआ कि एसएसपी के चारो तरफ मौजूद मजमे मे अचानक खलबली बच गई। लोगो का शोर सुन कर एसएसपी ने भी अपनी बात को कुछ लम्हो के लिए रोक दिया।

पत्रकार को सवाल पूछने से रोका
वारदात के खुलासे के लिए दोपहर तीन बजे चैक कोतवाली मे बुलाई गई पत्रकार वार्ता आधा घंटा देरी से शुरू हुई तो एसएसपी ने पुलिस की शान मे कसीदे पढ़ना शुरू कर दिए इस बीच मे एक पत्रकार ने उन्हे रोक कर कुछ सवाल किए जिसके जवाब एसएसपी ने दिए लेकिन एसएसपी से इस सम्बन्ध मे सवाल पूछने की कोशिश कर रहे आगे की लाईन मे बैठे एक पत्रकार को एएसपी पश्चिम जय प्रकाश ने रोक दिया उन्होने पत्रकार से कहा कि मैडम को साढ़े चार बजे वीडियो कान्फ्रेन्सिग मे जाना है इस लिए दूसरी प्रेसवार्ता मे आप सवाल पूछिएगा लेकिन एसएसपी ने एएसपी की बात को काटते हुए पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल का आधा अधूरा जवाब देकर इतिश्री कर दी।

अधूरा खुलासा
प्रदेश की राजधानी लखनऊ मे हुई डकैती की सनसनी खेज वारदात मे 40 किलो सोना और एक करोड़ रूपए से ज्यादा की नकदी लूटे जाने की बात मौखिक रूप से कही जा रही है लेकिन इतनी भारी सख्या मे हुई सोने और नकदी की लूट के बावजूद वादी मुकदमा पुलिस को लिखित तौर पर कुछ भी बताने को तैयार क्यूं नही है ये भी एक बड़ा सवाल है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सर्राफा व्यापारी को शायद आयकर और विक्रयकर विभाग का डर सता रहा है सूत्र बताते है कि लूटे गए सोने और नकदी की अच्छी खासी रकम शायद लिखा पढ़ी मे नही थी इस लिए व्यापारी भी कुछ लिा कर देने से बच रहा है।


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