नई दिल्ली. उत्तराखंड में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं. अब मुख्यमंत्री का चुनाव होने के साथ ही नई सरकार का शपथ ग्रहण 18 मार्च को शाम तीन बजे परेड ग्राउंड में होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे. देश के कई अन्य प्रमुख पार्टी नेताओं के भी समारोह में शिरकत करने की संभावना है.
परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीट है. बीजेपी को 57 सीटों पर जीत हासिल हुई है. कांग्रेस को सिर्फ 11 सीटों पर जीत मिली है. उत्तराखंड साल 2000 में यूपी से अलग होकर अलग राज्य बना था. इस पृष्ठभूमि में आइए डालते हैं त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रोफाइल पर एक नजर… 1. अमित शाह के करीबी माने जाने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत दो दशकों तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं. 2. वह 1983 से 2002 तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और उस दौरान वह उत्तराखंड अंचल और बाद में राज्य के संगठन सचिव रहे हैं. 3. 56 वर्षीय त्रिवेंद्र सिंह रावत डोइवाला सीट की नुमाइंदगी करते हैं. इस वक्त वह पार्टी की झारखंड यूनिट के प्रभारी हैं. 4.वह पहली बार 2002 में डोइवाला सीट से एमएलए बने.
तब से वहां से तीन बार चुने जा चुके हैं. वह 2007-12 के दौरान राज्य के कृषि मंत्री भी रहे. 5.कृषि मंत्री रहने के दौरान बीज घोटाले में उनका नाम आया. हालांकि त्रिवेंद्र रावत का इस पर कहना है कि कांग्रेस सरकार द्वारा जांच कराने पर भी उनका नाम नहीं आया 6.रावत ने इतिहास से एमए किया है और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है. 7.चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है और उनके पास करीब 1 करोड़ की संपत्ति है.
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