यूपी के इंजीनियरिंग और पालीटेक्निक संस्थानों में मिलेगी फ्री वाई-फाई की सुविधा—-मंत्री आशुतोष टण्डन


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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राविधिक एवं शिक्षा चिकित्सा मंत्री आशुतोष टण्डन ने शुक्रवार को यहां बताया कि सूबे के सभी राजकीय इंजीनियरिंग कालेजों और पाॅलीटेक्निक संस्थानों को आधुनिक किया जाएगा। इन संस्थानों में फ्री वाई-फाई की सुविधा भी दी जायेगी। आशुतोष टण्डन ने आज सचिवालय में राज्य सरकार के तकनीकी विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कालेजों और पाॅलीटेक्निक संस्थानों के कुलपतियों व निदेशकों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों से प्राविधिक शिक्षा में सुधार के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने को कहा। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी संस्थानों में प्रवेश से लेकर अन्य सभी शैक्षणिक प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों में 500 शैक्षणिक पदों को तीन माह के अंदर भरा जायेगा। मैनेजमेन्ट एवं इंजीनियरिंग स्नातकों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेलों को आयोजन किया जायेगा।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान में संचालित 126 राजकीय पालीटेक्निक संस्थानों में से 40 अन्य भवनों से संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों के भवनों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जायेगा। 10 पालीटेक्निक संस्थाओं को नये सत्र में ही अपने भवनों में स्थानान्तरित किया जायेगा। टण्डन ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए सभी राजकीय पालीटेक्निक संस्थाओं में छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी। इसके अलावा राजकीय इंजीनियरिंग कालेजों में ई-लाईब्रेरी की सुविधा दी जायेगी। इस लाईब्रेरी का फायदा निजी इंजीनियरिंग कालेजों के लिए भी उपलब्ध रहेगी।

एक सवाल के जवाब में प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन सारे कालेजों शिक्षा की शुरू कराई जायेगी। हालांकि, किसी के लिए इसकी बाध्यता नहीं रहेगी। टण्डन ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र के अनुसार इंजीनियरिंग काॅलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध एवं विकास पर विशेष बल दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कृत संकल्प है। निजी इंजीनियरिंग कालेजों में अंधाधुंध फीस की वसूली को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही निजी इंजीनियरिंग कालेजों के एसोसिएशन से वार्ता कर एक मानक तय किया जायेगा।


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