
लखनऊ,। योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनने के बाद ही सूबे के तीर्थस्थलों के विकास पर जोर देने की बात कही थी। सीएम योगी ने कहा था कि सूबे के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुविधाएँ दी जाएँगी ताकि श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सके। इसी क्रम में योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। तीर्थ स्थलों के विकास के लिए तीर्थस्थल विकास परिषद का गठन किया जायेगा। ये परिषद सीएम या डिप्टी सीएम के अधीन कार्य करेगी।
ये परिषद ऑटोनोमस बॉडी की तरह काम करेगी। इस परिषद के गठन का प्रारूप अगले 3 महीने में पूरा होगा। ये परिषद पूरी तरह अगले 6 महीने में अस्तित्व में आ जायेगा। ये परिषद तीर्थ स्थलों के विकास के लिए काम करेगा। सर्वांगीण विकास के लिए ही इस परिषद का गठन करने का फैसला किया गया है।
अपर मुख्य सचिव सदाकांत ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएम इस परिषद के गठन को लेकर गंभीर हैं। बता दें कि सीएम ने अयोध्या दौरे पर वाराणसी की तर्ज पर सरयू आरती की बात कह चुके हैं। गंगा आरती की तर्ज पर ही उन्होंने सरयू आरती और महोत्सव की बात कही है।
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