अवैध शराब बनाने एवं बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए: डीजीपी


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लखनऊ,।  जनपद आजमगढ़ में अवैध शराब से लगभग 20 लोगों की मौत के बाद जागे पुलिस के मुखिया सुलखान सिंह ने सभी वरिष्ठड्ढ पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जहां पर अवैध शराब का कारोबार होता उन व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह ने आजमगढ़ में हुई अवैध शराब से मौतों की घटना को गंभीरता से लेते हुए अपने मातहतों को सख्त निर्देश दिये कि किसी भी जिले में अवैध शराब का कारोबार करने वालों को कतई छोड़ा न जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि जनपदों में नियुक्त उ0नि0 व आरक्षीगण को उनकी बीट में इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों तथा स्थानों के संबंध में चिन्हीकरण कर उत्तरदायी बनाया जाय। सभी क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र में थानाध्यक्षों द्वारा अवैध शराब की बिक्री के संबंध में की गयी कार्यवाही की समीक्षा कराये। इस दिशा में अच्छे कार्य करने वाले आरक्षीगणों को पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्राधिकारी की संस्तुति पर प्रतिमाह पुरस्कृत भी किया जायेगा। इसके अतिरिक्त सभी क्षेत्राधिकारी अपने क्षेत्र में अवैध शराब के विरूद्व अभियान चलाने के लिये नोडल अधिकारी होगें। अवैध शराब का व्यापार करने वाले व्यक्तियों के विरूद्व गैंगस्टर, गुण्डा एवं हिस्ट्रीशीट खोल कर उनके विरूद्व कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय। अवैध शराब निष्कर्षण एवं बिक्री एक संगठित अपराध है।

इस कार्य में प्रत्यक्ष अथवा परोक्षतरू संलिप्त पाये जाने पर अवैध शराब के व्यापार में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य संकलित कर उनके विरूद्व गिरोहबन्द अधिनियम के अन्र्तगत कार्यवाही किया जाय तथा अवैध शराब के व्यापार से अर्जित चल.अचल सम्पत्ति की जब्तीकरण की कार्यवाही गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अन्र्तगत की जाय। जनपद स्तर पर प्रत्येक माह होने वाली अपराध गोष्ठी में जिला आबकारी अधिकारी को भी आमंत्रित किया जाय तथा इस संबंध में उन से भी विस्तार से चर्चा कर अवैध मदिरा के रोकथाम हेतु संयुक्त टीम गठित कर आवश्यक कार्यवाही कराये। अवैध शराब के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्व आबकारी अधिनियम की धारा 60 के अन्र्तगत भादवि की धारा 272 की प्रयोग किया जायए ताकि ऐसे अपराधों में लिप्त अपराधियों की शीघ्रता से जमानत न हो सके। अवैध शराब की तस्करी में पकड़े गये वाहनों के विरूद्व आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 72 एवं 73 के अनुसार वाहन को सीज करने की कार्यवाही की जाय। संवेदनशील स्थानोंध्मार्गाे पर स्थापित ढाबों पर अवैध शराब की खरीद.बिक्री रोकने हेतु समय.समय पर आकस्मिक चेकिंग करायी जाय।

यदि किसी पुलिस कर्मी की अवैध शराब के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों से साठ.गाठ हो तो उनके विरूद्व कठोरतम कार्यवाही की जाय। अवैध शराब निष्कर्षण एवं बिक्री के व्यवसाय में संलिप्त व्यक्तियों को इससे होने वाली क्षति तथा दुष्परिणामों के बारे में स्थानीय सम्भ्रान्त नागरिकों एवं स्थानीय पुलिस द्वारा बताया जाय और ऐसा कृत्य न करने के लिये उन्हें प्रोत्साहित किया जाय, ताकि वह ऐसे दुष्कृत्य को छोडक़र समाज की मुख्यधारा में वापस आकर जीवन.यापन कर सकें।


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