
लखनऊ,। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि सहित सभी प्रकार के मार्गों में आने वाली बाधाओं को शीर्ष प्राथमिकता से समय सीमा के अन्दर दूर कर सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाय। श्री मौर्य ने ये निर्देश सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के साथ समन्वय तथा विभिन्न विभागों से सड़क निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने हेतु बुलायी गयी समीक्षा बैठक के दौरान दिये।
श्री मौर्य ने कहा कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा यथाशीघ्र किसानों को दिया जाय, जहां कही विवाद की स्थिति हो उसे समन्वय स्थापित कर मुआवजे की राशि वितरित की जाय। मुआवजा वितरण में धीमी प्रगति के लिये श्री मौर्य ने राजस्व विभाग के अधिकारियों, डी0एम0 आदि पर कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा शीघ्रातिशीघ्र मुआवजा वितरण के निर्देश दिये।
छभ्।प् के अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागों जैसे वन, विद्युत, सिंचाई व अतिक्रमण की समस्याओं पर जवाब देते हुये श्री मौर्य ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि मार्ग में पड़ने वाली सभी बाधाओं को सम्बन्धित अधिकारी शीर्ष प्राथमिकता के साथ निस्तारण करें ताकि सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लायी जा सकें। उन्होने कहा कि अनावश्यक विलम्ब करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। यदि कहीं मन्दिर, मस्जिद पड़ रही है तो समन्वय बैठक कर उसे अन्य स्थान पर स्थानान्तरित किया जाय। सड़क निर्माण में आने वाली खनन सम्बन्धी समस्या पर बोलते हुये श्री मौर्य ने कहा कि खनिज विभाग के अधिकारियों से बैठक कर समस्याओं का निराकरण करें तथा किसानों की सहमति से ही खनन की जाय।
श्री मौर्य ने कहा कि जिन कार्यों की अभी डीपीआर बननी है उसे शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करें ताकि कार्य प्रारम्भ हो सके। छभ्।प् तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी आपस में समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी कार्य में संवादहीनता के चलते अनावश्यक विलम्ब न हो, उन्होने कहा कि सड़क निर्माण के लिये जहां वृक्षों को काटा जा रहा है वहां पर पर्यावरण की दृष्टि से वृहद वृक्षारोपरण के उपाय हो तथा जहां तक सम्भव हो सके मशीनों द्वारा वृक्षों को स्थानान्तरित करने की कार्यवाही की जाय। इस कार्य हेतु मशीनों के क्रय करने की कार्यवाही की जा सकती है। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़कों पर श्री मौर्य ने बताया कि 73 मार्गों में से प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से 32 मार्गों पर कार्य कर रही है। झांसी बेला तिर्वा (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे) 320 किमी0 लम्बे 6 लेन एक्सप्रेस-वे पर चर्चा करते हुये उन्होने निर्देश दिये कि 4 लेन के लिये जो हमारी भूमि उपलब्ध है उस पर कार्य तीव्र गति से किया जाय तथा दो लेन के लिये जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही अमल में लायी जाय ताकि बाद में उसे 6 लेन किया जा सके।
श्री मौर्य ने कहा कि आगामी कुम्भ को दृष्टिगत रखते हुये इलाहाबाद में प्रस्तावित इलाहाबाद महानगर के दक्षिण से होकर जाने वाले 100 कि0मी0 लम्बे राष्ट्रीय मार्ग-2 का आउटर रिंग रोड निर्माण यथाशीघ्र किया जाये। इसके साथ ही 2460.75 करोड़ की लागत से फाफामऊ में बनने वाले 6 लेन पुल के निर्माण हेतु टेण्डर की कार्यवाही की जाय तथा एप्रोच रोड एवं पुल निर्माण हेतु अलग अलग एजेन्सी को कार्य दिया जाय ताकि आगामी कुम्भ से पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण किया जा सके।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गोवर्धन तीर्थ विकास हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग सं0-2 को राष्ट्रीय मार्ग संख्या-11 तक नया चार लेन राष्ट्रीय मार्ग, रेडियल मार्ग सहित गोवर्धन परीक्रमा मार्ग चार लेन की प्रारम्भिक डी0पी0आर0 का आंकलन किया जा चुका है, जिस पर कार्यवाही हो रही है। उन्होने सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि सड़क निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जयेगी इसलिये सभी अधिकारी समयबद्धता तथा पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य करें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण सदाकान्त, विशेष सचिव राजशेखर, लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष वी.के. सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना निदेशक तथा विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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