उत्कल ट्रेन हादसा घोर लापरवाही का नतीजा, 13 सस्पेंड


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खतौली में हुआ उत्कल ट्रेन हादसा सिर्फ और सिर्फ लावरपाही नतीजा था। ट्रैक पर काम कर रहे रेलवे कर्मचारी बिना किसी सूचना के चाय पीने चले गए। चाय की तलब में यह कर्मचारी पूरे ट्रैक और कटी पटरी को भगवान भरोसे छोड़ गए। अभी तक की जांच में कर्मचारियों के बयान में मिले विरोधाभास के बाद रेलवे के 13 कमर्चारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। 19 अगस्त को खतौली में कटी पटरी पर गुजरते हुए उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसाग्रस्त हो गई थी।

इस दुर्घटना में 23 यात्रियों की जान चली गई। घायल होने वालों की तादाद भी काफी थी। इस मामले में 4 अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और 4 को निलंबित कर दिया था। कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया था। इस हादसे की कई स्तर से जांच चल रही है। अभी विभाग की प्रांरभिक जांच मे घोर लापरवारी सामने आई है। खतौली और मुजफ्फनगर के कर्मचारियों को दिल्ली बुलाकर उनके बयान लिए गए। इसमें साफ हो गया कि बिना किसी परमिशन के पटरी को काटकर जोड़ने का काम किया जा रहा था।

कर्मचारियों ने चाय पीने के लिए काम को बीच में छोड़ दिया था। वे मरम्मत के औजार भी ट्रैक पर ही छोड़कर बाजार में चाय पीने चले गए। इसलिए अब इस काम से जुड़े 13 लोगों के सस्पेंड कर दिया हैं। नॉर्दर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा के मुताबिक 11 ट्रेन मैन, एक जेई अन्य को मंगलवार को देर शाम संस्पेंड किया गया हैं। आगे की जांच जारी है। फाइनल जांच होने के बाद उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। रेलवे मुख्यालय की इस कार्रवाई के बाद अन्य कर्मचारियों नें भी हड़कंप मचा है।

इस बीच रेलवे का दल ट्रैक पर स्लीपर बदलने का काम कर रहा हैं। अगले एक सप्ताह में स्लीपर बदलने का काम पूरा हो जाएगा। रेलवे अफसरों के मुताबिक स्लीपर बदलने का काम पूरा होने तक इस लाइन से सभी ट्रेन 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही गुजारी जाएंगी।


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