
यमुना प्राधिकरण में अजय सिंह, पातीराम, अनीश अहमद, जेके शर्मा, हेमंत कुमार, सुनील कुमार, अशोक कुमार सक्सेना, अनिल कुमार केन, एमएन तिवारी और धर्मेन्द्र सिंह सीनियर और सहायक इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। इन सभी का मूल विभाग आवास विकास परिषद् है। ये सात साल पहले प्रतिनियुक्ति पर यमुना प्राधिकरण आए थे। उसके बाद कई बार मूल विभाग ने इंजीनियर को वापस बुलाने के लिए प्राधिकरण को पत्र लिखा लेकिन वापस नहीं गए। आखिरी बार 23 अगस्त को आवास विकास परिषद् के आयुक्त ने पत्र भेजा था। लेकिन किसी भी इंजीनियर ने वापस जाने का आवेदन नहीं किया। इसी बीच 28 अगस्त को झूठी शिकायत करने के आरोप में डीजीएम को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद 11 में से नौ इंजीनियर ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी को मूल विभाग में भेजने का प्रार्थना पत्र दे दिया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जिन इंजीनियर ने प्रार्थना पत्र दिया है, उन सभी को उनके मूल विभाग भेज दिया जाएगा।
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