
भारत सरकार के कोल सचिव एवं कोल मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव की बैठक
लखनऊ: प्रदेश में आगामी ग्रीष्म एवं मानसून के दौरान कोयले की कमी की वजह से प्रदेश की विद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन प्रभावित न होने तथा विद्युत आपूर्ति निर्धारित रोस्टर के अनुसार निरन्तर सुनिश्चित कराने हेतु प्रदेश के पावर प्लाण्टों को आवश्यकतानुसार कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाये। हरदुआगंज प्लाण्ट में कोयले की आपूर्ति निरन्तर सुनिश्चित कराने हेतु लम्बित कोयले की आपूर्ति का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा किये जाने के बावजूद भी हरदुआगंज प्लाण्ट को क्रिटिकल श्रेणी में न रखने पर प्रदेश सरकार द्वारा किये गये अनुरोध को स्वीकार करते हुये क्रिटिकल श्रेणी में रखकर कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करायी जायेगी। पारीछा प्लाण्ट को साउथ इस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड से आंशिक आपूर्ति की जनवरी माह में समाप्त हो रही व्यवस्था को आगामी 06 माह के लिये बढ़ाया जायेगा। आनपरा-डी का कोल लिंकेज 33.64 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने हेतु प्रदेश सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार द्वारा गंभीरता से विचार किया जायेगा।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में श्री सुशील कुमार, सचिव, कोल, भारत सरकार के साथ भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर लम्बित प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दे रहे थे।
बैठक में उत्तर प्रदेश के उच्चाधिकारियों द्वारा कोयला मंत्रालय एवं कोल इण्डिया के समक्ष हरदुआगंज तापीय परियोजना को कम कोयले की आपूर्ति, आनपरा-डी तापीय परियोजना के कम कोल लिंकेज, मेसर्स एस0ई0सी0एल0 एवं पारीछा तापीय परियोजना के मध्य एम0ओ0यू0 के अनुसार कोल आपूर्ति न होने, अनपरा तापीय परियोजना के मैरी गो राउण्ड (एम0जी0आर0) प्रणाली को बढ़ाये जाने से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बिन्दु उठाये गये।
श्री राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा माह दिसम्बर तक लगभग 600 करोड़ रुपये का कोयले का भुगतान कराया जा चुका है और अवशेष का भुगतान यथाशीघ्र कराने की कार्यवाही प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि घाटमपुर परियोजना के लिये निजी क्षेत्र की अवशेष 52 हेक्टेयर भूमि में से 23 हेक्टेयर भूमि हेतु किसानों से सहमति प्राप्त कर ली गयी है और यथाशीघ्र अवशेष भूमि के लिये भी सहमति प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोल ब्लाक आवंटन के सम्बन्ध में सहरपुर जमरपानी कोल ब्लाक को विकसित होने तक के लिये प्रदत्त ब्रिज लिंकेज केा अगस्त, 2024 तक बढ़ाने एवं आनपरा-ई तथा ओबरा-डी परियोजनाओं के लिये अतिरिक्त कोल ब्लाक आवंटन के प्रस्तावों पर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायेगी। ललितपुर परियोजना को ‘शक्ति’ योजना के अन्तर्गत मात्र 77 प्रतिशत कोयला आवंटित होने के फलस्वरूप अवशेष मांग के सापेक्ष भी कोयला आवंटन की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जायेगी। बारा एवं रोजा तापीय परियोजना को उनकी आवश्यकतानुसार कोयले की आपूर्ति करने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा कोल इंडिया को किये गये अनुरोध पर यथाशीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जायेगी।
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