मुख्यमंत्री योगी का ऐलान, जरूरत पड़ी तो अति दलितों और अति पिछड़ों को आरक्षण देंगे


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lucknow  |यूपी सरकार पिछड़ों और अतिदलितों को लुभाने के लिए आरक्षण का दांव खेलने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो अति दलितों और अति पिछड़ों को आरक्षण देंगे। इसके लिए हम लोग एक कमेटी बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही।  विपक्ष के एक सदस्य के इस आरोप पर कि सरकार आरक्षण खत्म कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आरक्षण खत्म नहीं कर रहे हैं बल्कि अति पिछड़ों और अति दलितों  को भी जरूरत पड़ने पर आरक्षण देंगे। जिन कमजोर वर्ग के लोगों को वास्तव में आरक्षण की आवश्यकता थी उन्हें लम्बे समय से इसका लाभ नहीं मिल पाया। आरक्षण पर कुछ लोगों का एकाधिकार नहीं चलने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इन लोगों को आरक्षण देने की कोई पहल नहीं की।  हमारी सरकार इन शोषितों और वंचितों के उत्थान के लिए पूरी तरह काम कर रही है।  इन्हें इनका अधिकार दिलाएंगे। इस पर  भाजपा विधायकों ने आदित्यनाथ महाराज की जय के नारे भी लगाये। सरकार की इस घोषणा को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। भाजपा इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के मूड में दिख रही है।  केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जब 2002 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने भी एक कमेटी बना कर इन वर्गों को अलग से आरक्षण देने की पहल की थी लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी।
सीएम  ने कहा कि उनकी सरकार विभिन्न सरकारी विभागों में चार लाख खाली पड़े पदों को भरने जा रही है। इसके लिए विभागों से अधियाचन मांग लिया गया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन हो गया है और अन्य आयोगों का गठन किया जा रहा है। पिछली सरकारों में समूह ग व समूह घ में लाखों रुपये लेकर भर्ती की जाती थी। इन सब भर्तियों की जांच होने दीजिए। जो भी दोषी हैं, सबके सब जेल जाएंगे। इनकी सम्पत्ति कुर्क कराई जाएगी। सीएम ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपके स्वार्थों के चलते यूपी को दिवालिया नहीं होने दूंगा। सीएम ने विधानसभा में अपने डेढ़ घंटे के लंबे भाषण में सरकार की आलोचना करने पर नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी की खिंचाई की।
सीएम ने कहा कि मौरंग, गिट्टी व बालू के रेट दो साल पहले साल 2016 के होंगे। सरकार ने खनन की  ऐसी नीति बनाई है जिससे खनन से राजस्व बढ़ गया है। सीएम ने कहा कि दो अप्रैल से स्कूली बच्चों के लिए बड़ा अभियान चलेगा।

सीएम ने कहा कि  इन्वेस्टर्स समिट कराने के बाद बाहर के लोगों का यूपी के प्रति नजरिया बदला है। प्रदेश में उद्योग लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेगे। इन्वेस्टर्स समिट में 4. 68 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। इन्वेस्टर्स समिट में किये गये एमओयू से प्रदेश में अगले तीन सालों में 33 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार 20 लाख युवकों को रोजगार उपलब्ध कराएगी जिसमें से चार लाख लोगों को अगले वित्तीय वर्ष में विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी जाएगी।


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