
मुख्यमंत्री ने जनपद प्रतापगढ़ की कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा की
जनपद प्रतापगढ़ से गुजरने वाली सड़कें प्रयाग
कुम्भ के लिये यातायात का सबसे महत्वपूर्ण साधन
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद प्रतापगढ़ में कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कानून-व्यवस्था तथा भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन पर विशेष जोर देते हुये कहा कि कानून-व्यवस्था के मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों में सीधी दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुये जिला प्रशासन को हिदायत दी की कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में बताये गये आंकड़ों के आधार पर सुधार और विकास का परीक्षण नहीं किया जाएगा, बल्कि हर हाल में कानून-व्यवस्था जमीन पर बेहतर हालत में दिखनी चाहिये। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत किये गये आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुये कहा कि हालात आंकड़ों से नही आंके जाते। कानून-व्यवस्था आम आदमी के दिल-दिमाग में विश्वास के रूप में दिखनी चाहिये। बेहतर कानून-व्यवस्था सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा के रूप में दिखायी देनी चाहिये। उन्होंने जनपद में एन्टी रोमियो अभियान को और सशक्त बनाने तथा विमेन पावर लाइन ‘1090’ को प्रभावी ढंग से संचालित किये जाने पर बल दिया। उन्होंने पीड़ित फरियादियों के लिये थाने में सम्मान और सुविधा का वातावरण सृजित करने के लिये अधिकारियों को हिदायत दी और कहा कि सबसे पहले, आने वाले फरियादियों के बैठने और उनकी सांत्वना की व्यवस्था की जाये ताकि उनके मन में सरकार का सहयोग प्राप्त होने का विश्वास पैदा हो सके। साथ ही, हर फरियादी की शिकायत पर थाने में भी विवेचना गुण-दोष के आधार पर की जानी चाहिये।
योगी ने 04 से 20 दिसम्बर, 2017 तक चलाये गये महिला सुरक्षा अभियान की सफलता पर सन्तोष व्यक्त किया तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिये इस तरह के अभियानों को विशेषकर विद्यालयों में चलाये जाने के लिये तंत्र को प्रोत्साहित किया। इसी प्रकार सड़क दुर्घटनाओं में तात्कालिक सहायता और उनसे बचाव के लिये हेलमेट आदि के प्रयोग के सम्बन्ध में चलाये गये अभियानों की भी उन्होंने सराहना की तथा आगे भी ऐसे अभियानों को इसी प्रकार सतर्कता और जागरूकता से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने आम आदमी को शासन द्वारा चलायी जा रही लोक कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराते रहने के लिये सभी जनपदों में जन सुरक्षा एवं जन सुविधा अभियान संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कानून-व्यवस्था के प्रभावी नियंत्रण के लिये जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को सीधी जिम्मेदारी दी और कहा कि ये वरिष्ठ अधिकारी थानांे में जाकर स्वयं इस बात का निरीक्षण करें कि अपराध नियंत्रण के सम्बन्ध में आंकड़े फर्जी तौर पर प्रस्तुत न किये जायें। कानून-व्यवस्था में सुधार का प्रयास हकीकत में हर स्तर पर नजर आना चाहिये। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था या किसी भी मामले में आंकड़ांे की बाजीगरी से आम जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। इसके लिये वास्तविक स्तर पर तथा जमीनी स्तर पर सही प्रयास किया जाना जरूरी है। अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिये मुख्यमंत्री ने यह अनिवार्य निर्देश दिये कि दागी अधिकारियों को थाने का प्रभार कतई न दिया जाये तथा थानाध्यक्ष थाने के परिसर में ही निवास करें। इसकी जिम्मेदारी उन्हांेने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को देते हुये कहा कि थाने में थानाध्यक्ष का निवास करना उनके स्तर से सुनिश्चित कराया जाये ताकि 24 घण्टे हर समय आम आदमी को सुरक्षा की कठिनाई न हो। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यह भी जिम्मेदारी दी कि वे लगातार निरीक्षण करते रहें तथा लम्बित प्रकरणों की अद्यतन जानकारी हमेशा अपने पास रखें। किसी भी समय शासन उसकी जानकारी उनसे प्राप्त कर सकता है।
योगी जी ने पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को यह जिम्मेदारी दी कि जनता के किसी भी मामले में किसी भी स्तर पर अवैध वसूली को तत्काल रोका जाये। ग्रामीण जनता द्वारा अपनी आवश्यकता के लिये मिट्टी के खनन को सरकार ने राॅयल्टीमुक्त कर दिया है, उस पर वसूली की शिकायत नहीं प्राप्त होनी चाहिये। इस सम्बन्ध में शिकायत पाये जाने पर सम्बन्धित के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
जल निगम के पूर्व अधिशासी अभियन्ता के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितता के मामलों पर मुख्यमंत्री जी ने काफी गम्भीरता व्यक्त की और प्राप्त शिकायतों के आधार पर इस मामले में संलिप्त सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को आज ही सायंकाल तक न केवल निलम्बित कर दिये जाने के निर्देश दिये, बल्कि उनके खिलाफ आर्थिक मामलों से सम्बन्धित अपराध की धाराओं में तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश भी दिया। मुख्यमंत्री जी ने इस सम्बन्ध में अत्यन्त कड़ाई से कार्यवाही करने का निर्देश देते हुये यह भी कहा कि इस भ्रष्टाचार में संलिप्त सभी अधिकारियों/कर्मचारियों की चल-अचल सम्पत्ति का विवरण तत्काल शासन को भेजा जाये ताकि उनके दोषी पाये जाने पर उनकी सम्पत्ति जब्त किये जाने की कार्यवाही भी की जा सके।
मुख्यमंत्री ने प्राथमिक शिक्षा के माॅडल स्कूलों में होने वाले सुविधा सम्बन्धी प्रयोगों यथा रनिंग वाॅटर, टाइल्स, बाउण्ड्रीवाॅल आदि निर्मित किये जाने के अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुये कहा कि माॅडल स्कूलों के लिये चलाये जा रहे इस अभियान में पूरे प्रदेश में अत्यन्त उत्साहवर्धक आंकड़े प्राप्त हुये हैं, इसे आगे बढ़ाना चाहिये।
बैठक के प्रारम्भ में योगी ने विकास कार्यांे से सम्बन्धित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। बैठक में प्रभारी मंत्री श्रीमती स्वाती सिंह, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा मंत्री श्री राजेन्द्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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