लखनऊ. योगी कीमंत्री बेसिक शिक्षा और बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री अनुपमा जायसवाल पर भ्रष्ट्राचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. यह आरोप भी कोई और नहीं बल्कि उन्हीं के सांसद हरिनारायण राजभर ने लगाया है. उन्होंने यह आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर लगाए हैं. मुख्यमंत्री योगी को लिखे पत्र में सांसद ने आरोप लगाते हुए लिखा है कि बेसिक शिक्षा मंत्री ने बच्चों को स्कूली जूते—मोजे बांटने के दौरान इसमे भ्रष्टाचार किया है. बड़े—बड़े टेंडरों को निकालकर इसमे धांधली की गई. इसके साथ ही उन्होंने इसमें उनके अधिकारियों के भी सम्मलित होने के आरोप लगाए हैं.
उन्होंने कहा कि मैने अपने जिलों के स्कूलों में स्वंय जाकर जांच की , जहां पता चला कि बीते 10 महीने से स्कूलों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से पौष्टिक आहारों की सप्लाई नहीं की गई है. मंत्री अनुपमा जायसवाल ने अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में खेल किया है जबकि सरकार ने उक्त योजना सीधे आम लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की है. उन्होंने पत्र में आगे लिखा है कि मोजे और जूते में कथित भ्रष्टाचार के चलते आम और गरीब लोगों तक इसका लाभ नहीं पहुंच रहा है, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है.
बीजेपी सांसद के मुताबिक बेसिक शिक्षा मंत्री और उनके अधिकारी व्यापक पैमाने पर आम लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं और मामले में जांच कराकर सीएम से त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है. दरअसल, योगी सरकार ने प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राओं को जूते-मोजे बांटने की योजना शुरू की थी. इसके तहत 266 करोड़ रुपए से प्रदेश के करीब 1 करोड़, 54 लाख छात्र-छात्राओं को जूते-मोजे वितरित किए गए थे, लेकिन इन जूते-मोजों की क्वालिटी इतनी घटिया थी कि चंद महीनों में ही वो खराब होने लगे. यही वजह थी कि मीडिया की खबरों का संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने खुद इस पर जनहित याचिका दाखिल कर संबंधित सचिव को तलब किया. हालांकि मामला अब भी कोर्ट में है. हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि सरकार की एक अच्छी योजना को अधिकारियों ने बर्बाद कर दिया.