पूरा राज्य अराजकता की गिरफ्त में—- अखिलेश यादव


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लखनऊ |
        समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा राज्य अराजकता की गिरफ्त में है इस पर भी राजभवन का मौनधारण आश्चर्यजनक है। कासगंज में घर में घुसकर तीन व्यक्तियों की लोमहर्षक हत्या से पूरे इलाके में लोग आक्रोशित है। बेखौफ डकैतो ने घर में घुसकर अपराध को अंजाम दिया यह ध्वस्त कानून व्यवस्था का एक उदाहरण है। बनारस के सिंधिया घाट पर आज सपा नेता श्री प्रभु साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। अपराधियों के बढे़ हौसलों के आगे शासन-प्रषासन लाचार नजर आ रहा है। बाबजूद इसके सरकार द्वारा इन घटनाआंे के लिए किसी की जवाबदेही तय नही की जा रही है।
  मुख्यमंत्री  को सीतापुर जनपद जाने की फुरसत तब मिली जब श्री अखिलेश यादव ने कुत्तो से दर्जनों बच्चों की जान बचाने में विफल सरकार पर सवाल खड़ा किया। श्री अखिलेश यादव ने प्रत्येक मृत बच्चे के परिवारीजनों को 10-10 लाख रूपये की मदद के लिये अपील की थी उस पर भी सरकार का रवैया संवेदनहीन ही है।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य में दहशत का माहौल व्याप्त है। दिन दहाड़े सरेराह साथी की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ता इलाहाबाद सहित पूरे राज्य में हड़ताल पर है। भाजपा सरकार बताये कि विधि का शासन कहां है? कोई पहर नही बचता जब किसी न किसी दुर्घटना से राज्य के नागरिकों को दो-चार न होना पड़ता हो। बागपत में दो बहनों ने स्कूल तो जाना छोड़ ही दिया है। अब वे घर से बाहर भी नही निकल पा रही है। भाजपा के जिला अध्यक्ष के बेटे पर लड़कियों को प्रताड़ित करने का आरोप है। कानपुर में किशोरी की हत्या और बलात्कार हुई पीड़िता की एफआईआर तक दर्ज नही किया जाना शासन-प्रशासन की अकर्मण्यता को उजागर कर रहा है। मुख्यमंत्री जी का दावा है कि एनकाउटंर से रामराज स्थापित होता है जबकि अपराधी खुलेआम गंभीर से गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में असामयिक घटनाआंे के मृतक परिवारों को 50-50 लाख रूपये भाजपा सरकार मुआवजा दे। जिस परिवार के सदस्य की पुलिस यातना में मौत हुई हो अथवा फर्जी एनकाउटंर में हत्या की गयी तथा आत्महत्या के मामलों में सरकार को तत्काल मदद करनी चाहिये।
मंत्रिमंडल के सदस्यों में सामूहिक जिम्मेदारी का घोर अभाव है। संवैधानिक उत्तदायित्व से विरत मंत्रीगण लोकतांत्रिक व्यवस्था का उपहास उड़ा रहे है। सत्तादल के सांसदो और विधायकों में कानून की धज्जियां उड़ाने में कोई लोकलाज नही है। जहां एक ओर किसानों की आत्महत्या थम नही रही है वही दूसरी ओर बच्चियों से बलात्कार, फर्जी एनकाउटंर की घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
 श्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हालात बद से बदतर होते जा रहे है। प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने में पूरी तरह नाकाम है। सूबे में समाज का कोई वर्ग सुरक्षित नही है। वकील, शिक्षक, व्यापारी, किसान सहित बहू-बेटियां डर के साये में जीने को अभिशप्त हो गयी हैं। सत्ताधारी दल के नेता खुलेआम जनता को प्रताड़ित कर रहे है और पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठी है। ऐसी सरकार से जनता निजात पाने के इंतजार में है।

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