वाराणसी पुल हादसा: शवों की सौदेबाजी का वीडियो वायरल, पोस्टमार्टम के बदले मांगे पैसे, आरोपी सस्पेंड


बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल की मॉर्चरी में तैनात सफाई कर्मचारी ने मृतकों के परिजनों को शव देने के एवज में 200 रुपए की मांग की। जिसके बाद आक्रोशित परिजन भड़क गए। वहां मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल से इसका वीडियो भी बना लिया। देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उधर, वीडियो के वायरल होते ही जिला प्रशासनमें हड़कंप मच गया। मामले में डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने सफाई कर्मचारी बनारसी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

गत मंगलवार शाम वाराणसी कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन पुल के दो बीम के गिरने से 18 लोगों की मौत हो गई थी. मामले में यूपी सरकार ने मुआवजे का ऐलान भी किया है, वहीं, घटना की उच्चस्तरीय जांच बैठा दी गई है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और चूक को उजागर कर दिया है.

इससे पहले, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुल हादसे पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की और घायलों को हरसंभव मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मृत लोगों के परिजनों को पांच लाख जबकि घायलों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने का निर्देश दिया है। वहीं निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह होंगे। समिति में जल निगम और सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने समिति से 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है।

 

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी घटनास्थल पर देर रात पहुंचे। सीएम ने पहले घटनास्थल पर जाकर चल रहे बचावकार्य का जायजा लिया। इसके बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती घायलों से मिलने पहुंच गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने वाराणसी में पुल गिरने के मामले में सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैंनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के.आर सूडान को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को भी सस्पेंड किया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर के दी।इन अधिकारियों पर आरोप हैं कि निर्माण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। सभी अधिकारियों को जल्द ही आरोप पत्र दिये जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य का निर्देश दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अलावा राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी को तत्काल मौके पर भेजा है।
बनारस से कई जिलों को जोड़ती है यह रोड
मंगलवार शाम कैंट रेलवे स्टेशन के पास जिस रोड पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरा है, वह कई जिलों को बनारस से जोड़ती है। इस रोड से ही भदोही, इलाहाबाद के अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र होते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के लिए वाहनों का आवागमन होता है। इनमें यात्री वाहनों के अलावा व्यावसायिक वाहन भी होते हैं।

वहीं राजघाट पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने के बाद गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ से चंदौली, बिहार और झारखंड जाने वाले बड़े वाहन भी कैंट-लहरतारा रोड से हाईवे पहुंचते हैं। इस नाते इस रोड पर छोटे व बड़े वाहनों का हमेशा दबाव रहता है। यहां अमूमन जाम की स्थिति रहती है।


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