
नई दिल्ली. दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित शनिधाम मंदिर के संस्थापक दाती मदन के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले की फाइल मंगलवार रात दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। आरोपी दाती के देश छोड़कर भाग जाने की आशंका के बीच लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। सभी एयरपोर्ट को नोटिस के जरिए अलर्ट किया गया है। वहीं इस बीच, आरोपी दाती बुधवार को राजस्थान के पाली जिले के आलावास स्थित श्रीआश्वासन बाल ग्राम में दिनभर साधकों व मीडियाकर्मियों से मिलता रहा।
– बुधवार शाम तक उनके पास पुलिस या दिल्ली क्राइम ब्रांच से किसी भी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया और न ही उन्हें कोई नोटिस मिला। क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने कहा कि जल्द ही नोटिस देकर दाती व अन्य आरोपियों को बुलाया जाएगा। यदि वे पूछताछ के लिए पेश नहीं होते हैं तो उनकी धरपकड़ की जाएगी। दूसरी ओर, बुधवार को भी दाती ने दोहराया कि वे निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
– क्राइम ब्रांच की टीम एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए पहले दिल्ली के आसोला स्थित शनिधाम में जाकर तफ्तीश करेगी और फिर राजस्थान के पाली जिले में सोजत के पास आलावास स्थित गुरुकुल में घटनास्थल का मुआयना करेगी।
– बता दें कि दिल्ली की 26 साल की एक युवती ने दिल्ली के फतेहपुर बेरी पुलिस थाने में रविवार को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि फरवरी 2016 में दाती मदन राजस्थानी ने उसके साथ आश्रम में दुष्कर्म किया। रिपोर्ट में पाली जिले के आलावास गुरुकुल में भी दुष्कर्म करने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में दाती के साथ मां श्रद्धा, अनिल कुमार, अर्जुन, अशोक व नीमा को भी नामजद किया गया है।
दुष्कर्म का इल्जाम लगने के बाद से दाती महाराज अंडरग्राउंड है। हालांकि, एक वीडियो मैसेज से उसने जांच में पुलिस का सहयोग करने की बात कही है। इसके बावजूद पुलिस को डर है कि वह देश छोड़कर भाग सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। देश के सभी एयरपोर्ट को इस नोटिस के जरिए अलर्ट भी कर दिया गया है। उधर, पुलिस ने चाणक्यपुरी स्थित ऑफिस में बुधवार को पीड़िता से केस के संबंध में बातचीत की। पुलिस दो-तीन दिन में दाती महाराज को पूछताछ में शामिल करने के लिए नोटिस भेज सकती है।
दाती महाराज के पाली आश्रम में सैकड़ों लड़कियां रहती हैं। इनमें काफी अनाथ हैं, जिन्हें बाबा ने गोद ले रखा है। कुछ लड़कियों को परिजन ही छोड़ गए हैं। इन लड़कियों से होने वाली पूछताछ केस में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है।
बाबा बनने से पहले कैटरिंग का कामकरता था दाती महाराज
दाती महाराज के बारे में बताया जाता है कि पहले वह दिल्ली में कैटरिंग का काम करता था। इसी दौरान जन्मपत्री देखना शुरू किया। इसके बाद कैलाश कॉलोनी में ज्योतिष केंद्र खोल लिया। 1998 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उसने एक प्रत्याशी की कुंडली देख उसके जीतने की बात कही थी। नतीजा सही निकला। इसके बाद वह चर्चा में आया।
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