
बताते चलें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से अपना समर्थन वापस ले लिया जिसके चलते जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीडीपी गठबंधन की सरकार अल्पमत में आ गई। जिसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
इससे पहले, राज्यपाल एनएन वोहरा को मंगलवार दोपहर फैक्स के जरिए एक चिट्ठी मिली जिसपर गठबंधन सरकार को बीजेपी का समर्थन वापस लेने के लिए राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना और भाजपा विधायी दल के नेता कविंदर गुप्ता के हस्ताक्षर थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया।
जम्मू और कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद अब राज्यपाल शासन की ओर बढ़ रहा है। राज्य के मौजूदा राज्यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल खत्म होने को है ऐसे में कुछ नए चेहरे हैं जो इस पद के लिए दौड़ में हैं।
जम्मू कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कोई भी दल सरकार बनाने के लिए गठबंधन करने को तैयार नहीं है। ऐसे में सूबे में राज्यपाल शासन लगना तय हो गया है। जम्मू-कश्मीर में भारत के अन्य राज्यों की तरह राष्ट्रपति शासन नहीं लगता है। भारत के अन्य राज्यों में प्रदेश सरकार के विफल रहने पर राष्ट्रपति शासन लागू होता है लेकिन जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल का शासन लगाया जाता है।
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