पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरा राज्य और केन्द्र का कर्मचारी


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प्रेरणा स्थल पर धरना और सौपा ज्ञापन

लखनऊ,। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पुरानी पेंशन बहाली मंच द्वारा प्रस्तावित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और ज्ञापन का कार्यक्रम राजधानी सहित पूरे प्रदेश के जनपद मुख्यालय में बड़े जोश के साथ किया गया। राज्य एवं केन्द्र सरकार के कर्मचारियों ने आज जो एकता प्रदर्शित की वह इस बाॅत का संकेत है कि पुरानी पेंशन को लेकर राज्य एवं केन्द्र सरकार के कर्मचारी अब कंघे से कंधा मिलाकर लड़ने को तैयार है। आज राजधानी में कर्मचारी पे्ररणा स्थल पर कर्मचारियों का सैलाब दिखाई पड़ रहा था सुबह दस बजे से चार बजे तक कर्मचारी, प्रेरणा स्थल पर डटा रहा और इसके पश्चात एक सूत्रीय ज्ञापन एसीएम प्रथम को सौपा गया।

प्रेरणा स्थल पर सभा के दौरान केन्द्र राज्य कर्मचारियों के लगभग 90 प्रतिशत संगठन, एसोसिएशन ,महासंघ, परिषद के नेताओं ने आज कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पुरानी पेंशन बहाली मंच, के बैनर तले उमड़े कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अब देश का कर्मचारी जाग चुका है। पेंशन पर दोहरा कानून अब स्वीकार नही होगा। जिस तरह से सरकार ने एक नेशन एक टैक्स का फार्मूला अपनाया है उसी तरह उसे वन नेशन वन पेंशन की नीति लागू करनी पड़ेगी। लखनऊ से उठी पुरानी पेंशन बहाली मांग अब कश्मीर से कन्या कुमारी तक नजर आएगी। केन्द्र और राज्य का कर्मचारी पेंशन मुद्दे पर एक हो चुका है। वह पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्श की राह पर आगे बढ़ रहा है।

कामरेड आर.के. पाण्डे ने कहा कि हम पुरानी पेंशन बहाली के लिए कटिबद्ध है। अगर ऐसा नही हुआ तो नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन से जुडा दस लाख कर्मचारी रेल का चक्का जाम कर देगा। परिषद के नेता शिवबरन सिंह यादव ने कहा कि यह मंच पुरानी पेंशन बहाली के लिए मील का पत्थर साबित होगा। हम केवल एकजुट होकर पुरानी पेंषन बहाली के लिए तीन माह संघर्श कर ले तो वह दिन दूर नही जब केन्द्र सरकार को पुरानी पेंषन बहाल करने के लिए विवष होना पड़ेगा। मंच की अध्यक्षता कर रहे जनपद शाखा के अध्यक्ष सुधाॅशु मोहन ने कहा कि अब पुरानी पेंशन को लेकर एकजुट हुआ केन्द्र और राज्य सरकार का कर्मचारी पुरानी पेंषन बहाली के लिए कमर कस चुका है। सरकार को आगामी चुनाव से पूर्व पुरानी पेंशन बहाली का फैसला लेना ही पड़ेगा।

मंच का संचालन जिला मंत्री अमिता त्रिपाठी और संयोजक बी.एस. डोलिया ने किया। धरने में अधिकारी महापरिषद के महासचिव डा. सत्येन्द्र कुमार सिंह, सीडीपीओं संघ के अरूण कुमार पाण्डे, इं. सुधीर पवार,कामरेड जे.पी. सिंह, कामरेड वीरेन्द्र तिवारी, रामराज दुबे अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ,सुरेश सिंह यादव, रामफेर पाण्डेय, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राजकीय वाहन चालक महासंघ, नरेन्द्र सिंह नेगी, रजनीकांत त्रिवेदी, राम नगीना सिंह, सुनील यादव, जेपी तिवारी, संजीव गुप्ता, अविनाश चन्द श्रीवास्तव, सुभाष चंद तिवारी, वीेरेन्द्र सिंह, फहीम बेग, नागेन्द्र सिंह,सत्यप्रकाश त्रिपाठी, अमरनाथ यादव, रेनु शुक्ला, किरन कुमारी दुबे, दूधनाथ, अमरजीत मिश्रा, बलराम सिंह,इन्द्रांसन सिंह,आदिल मंसूरी, वन्दना सक्सेना,द्वारिका पाण्डेय,राजेश सिह, अनुज शुक्ला,धर्मेन्द्र सिंह,नीलम श्रीवास्तव, शालिनी मिश्रा, शशि प्रभा, साजिया बानों, यूपी सिंह, फैजल आदि ने सम्बोधित किया।

मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मंच के प्रदेश संयोजक हरिकिशोर तिवारी, माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह के नेतृत्व में हजारों कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए धरना दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह आन्दोलन की शुरूआत है। हम इस मुद्दे पर बहुत जल्द पूरे देश के केन्द्र और राज्य कर्मचारियों को एक साथ लेकर संघर्ष करके अपना हक लेगे।

उधर कानपुर में शिक्षक विधायक आर.बी. सिंह चन्देल एवं भूपेश अवस्थी के नेतृत्व में धरना देकर एक सूत्रीय ज्ञापन सौपा गया। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि पूरे प्रदेश में आज हुए धरने की समीक्षा कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेश चंन्द्र शर्मा ने करने के उपरान्त बताया कि प्रदेश में मंच का यह पहला कार्यक्रम शतप्रतिशत सफल रहा।


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