बुलंदशहर हिंसा: 4 गिरफ्तार 87 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज , बजरंग दल जिला संयोजक योगेश राज की तलाश


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बजरंग दल  जिला संयोजक योगेश राज

 

बुलंदशहर | बुलंदशहर के स्याना गांव में गोकशी के शक में फैली हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत के बाद राज्य पुलिस ऐक्शन में आ गई है। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी तथा बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इस हिंसा मामले में अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 87 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस आज बताया कि 6 टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी कर रही है।

पुलिस ने योगेश राज को पूरी हिंसा का मुख्‍य आरोपी बनाया है। योगेश राज के खिलाफ FIR दर्ज पुलिस ने उसपर हिंसा को भड़काने का आरोप लगाया है। घटना के दौरान कोतवाली के प्रभारी सुबोध कुमार सिंह ने उसे समझाने का प्रयास किया था लेकिन वह नहीं माना। पुलिस FIR के मुताबिक लोग शांत हो गए थे लेकिन आरोपी ने हिंसा को भड़काया। हालांकि पुलिस आरोपी के संगठन को लेकर चुप्पी साध रखी है। योगेश राज के संगठन के बारे में सवाल पूछने पर एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

एडीजी आनंद कुमार ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि योगेश राज को अभी अरेस्‍ट नहीं किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बता दें कि योगेश राज पहले एक प्राइवेट नौकरी करता था। 2016 में योगेश बजरंग दल का जिला संयोजक बना। उसके बाद नौकरी छोड़कर पूरी तरह संगठन के लिए काम करने लगा। योगेश राज के घर की दीवार पर अखंड भारत का नक्शा भी है। इसमें जिक्र है कि भारत कब-कब बंटा है।

योगेश राज ने सोमवार को हिंसक भीड़ की अगुआई की थी। यह स्याना के नयाबांस गांव का रहने वाला है और पहले भी कई विवादों में इसका नाम आ चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस एफआईआर के अनुसार योगेश राज अपने साथियों के साथ मिलकर भीड़ को भड़का रहा था।

इससे पहले पुलिस योगेश की शिकायत पर ही सात गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। योगेश राज ने सोमवार को स्‍याना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह अपने कुछ साथियों के साथ सोमवार सुबह करीब नौ बजे गांव महाब के जंगलों में घूम रहा था। इसी दौरान उसने नयाबांस के आरोपी गोतस्‍कर सुदैफ चौधरी, इलियास, शराफत, अनस, साजिद, परवेज और सरफुद्दीन को गोवंशों को कत्ल करते हुए देखा। इसके बाद उन्‍होंने शोर मचा दिया। इसके बाद आरोपी भाग निकले।

बता दें कि इस कथित गोकशी की शिकायत के बाद सैंकड़ों लोग सड़क पर आ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। योगेश राज ने इनका नेतृत्‍व किया। स्‍याना कोतवाली के प्रभारी सुबोध कुमार सिंह ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस पर भीड़ हिंसक हो गई और इसी दौरान किसी ने गोली मारकर सुबोध कुमार की हत्‍या कर दी।


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