
लखनऊ | मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए टेली मेडिसिन व टेली रेडियोलॉजी की सेवा अगले साल जनवरी से शुरू होगी। इसके अलावा 150 मेडिकल मोबाइल यूनिट भी शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने यह जानकारी बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ दोनों सेवाओं की लॉन्चिंग संबंधी समीक्षा बैठक में दी।
स्वास्थ्य मंत्री ने जनपथ सचिवालय में आयोजित बैठक में बताया कि दोनों सेवाओं के लिए प्रदेश को दो कलस्टर में बांटा गया है। इनमें 28 जिले बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, इलाहाबाद, फतेहपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, हमीरपुर, चित्रकूट, कानपुर देहात, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, मऊ, बस्ती, संत कबीरनगर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर और महराजगंज शामिल हैं।
इन जिलों में लोगों को गंभीर बीमारी होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह टेली व वीडियो कंसल्टेंसी के जरिये दी जाएगी। उनकी सलाह पर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र भी रेफर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि टेली रेडियोलॉजी में रेडियोलाजिस्ट की निगरानी में एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई की रिपोर्टिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञ चिकित्सक ऑनलाइन फिल्म देखकर मरीजों की बीमारी को पहचानने में मदद करेंगे।
टेली मेडिसिन में टेली कंसल्टेंसी और रेडियोलॉजी में टेली रेडियोलॉजी के जरिये कमी को पूरा किया जाएगा। मौजूदा समय में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट के 917 पद हैं, लेकिन सिर्फ 107 रेडियोलॉजिस्ट ही तैनात हैं। बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी, सचिव वी हेकाली झिमोमी, निदेशक प्रशासन पूजा पांडेय, विशेष सचिव उमेश मिश्रा व महानिदेशक डॉ. पद्माकर सिंह मौजूद थे।
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