इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि एडीजी वाराणसी जोन व मंडलायुक्त मिर्जापुर की जांच समिति की रिपोर्ट पर शासन ने त्वरित कार्रवाई की है। समिति की जांच रिपोर्ट मे पाया गया है कि सीआरपीसी की धारा-145 के तहत कार्रवाई करने के लिए एसडीएम घोरावल रिपोर्ट काफी दिनों तक दबाए रहे। इसी तरह सीओ घोरावल के अलावा इंस्पेक्टर घोरावल ने भी अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया। यही नहीं घोरावल थाने के बीट सब-इंस्पेक्टर और सिपाही ने भी उचित कार्रवाई नहीं की। लिहाजा, एसडीएम, सीओ, इंस्पेक्टर, एसआई व बीट इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है।
यही नहीं अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई है, जो वहां पूर्व में तैनात अधिकारियों कीभूमिका की जांच करेगी। कमेटी देखेगी कि जमीन के हस्तांतरण के दौरान वहां पूर्व में तैनात अधिकारियों ने तो कोई लापरवाही तो नहीं की।
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