कमलेश तिवारी हत्याकांड: न्याय की आस में सीएम योगी से मिले घरवाले, रखी 11 मांगें


हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य में दहशत का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि भय और दहशत पैदा करने वाले जो भी तत्व होंगे, सख्ती के साथ उनके मंसूबों को कुचलकर रख देंगे। किसी भी प्रकार की वारदात स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह घटना दहशत पैदा करने की शरारत है।  इसमें कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। तीन लोगों को गुजरात में और दो लोगों को उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिया गया है। हत्याकांड की जांच एसआईटी को दे दी गई है।

 

महमूदाबाद में शनिवार को करीब 10 घंटे की जद्दोजहद के बाद कमलेश तिवारी का अंतिम संस्कार किया जा सका। नाराज परिवार को मनाने के लिए मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम व आईजी एसके भगत ने नौ सूत्रीय समझौता पत्र पर दस्तखत किए। इसके बाद परिजनों ने नरमी दिखाई और कमलेश के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार हो सका।

 

लखनऊ के मंडलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम, सीतापुर के जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी और हिन्दू समाज पार्टी के पदाधिकारियों के बीच लिखित समझौते के बाद विवाद का पटाक्षेप हुआ। समझौता पत्र पर नौ बिन्दुओं का जिक्र है और मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने भी हस्ताक्षर किया है।

-मामले की जांच एसआईटी व एनआईए के द्वारा की जानी तय है, जो आईजी स्तर के उच्च अधिकारी के अधीन होगी।
-परिवारीजनों की सुरक्षा अगले 48 घंटे में सुनिश्चित की जाएगी।
-कमलेश तिवारी चूंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, अत: उनकी गरिमा के अनुसार उनके परिवारीजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी
-ज्येष्ठ पुत्र सत्यम तिवारी को सरकारी नौकरी की अनुशंसा सरकार से की जाएगी
-परिवारीजनों के आवेदन पर आत्मरक्षार्थ शस्त्र लाइसेंस तत्काल दिया जाएगा
-परिवारीजनों को एक उचित आवास की व्यवस्था लखनऊ में की जाएगी।


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