
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार को शक्ति भवन सहित प्रदेश के सभी परियोजना एवं जिला मुख्यालयों पर दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने मांग की कि निष्पक्ष जांच के लिए कॉरपोरेशन के चेयरमैन को उनके पद से हटाकर तत्काल गिरफ्तार किया जाये, क्योंकि वे ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हैं और उनके पद पर रहते हुए साक्ष्यों से छेड़छाड़ की सम्भावना है।
उन्होंने कहा कि पावर कॉरपोरेशन खुद 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में है तो उसके मत्थे ट्रस्ट का भुगतान डाल देना केवल गुमराह करने वाला कदम होगा। ट्रस्ट के माध्यम से कर्मचारियों के जीपीएफ व सीपीएफ की धनरशि गैरकानूनी ढंग से अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक की सूची में न आने वाले डीएचएफएल कम्पनी में निवेश की गयी, जिसकी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन व ट्रस्ट के चेयरमैन की होती है।
पावर कॉरपोरेशन में पीएफ घोटाले से नाराज राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने बुधवार को शक्ति भवन पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर संगठन के केंद्रीय महासचिव जय प्रकाश बताया गया कि पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष व भविष्य निधि ट्रस्ट के चेयरमैन द्वारा नियमो की अनदेखी कर कर्मचारियो के अंशदान को गैर वाणिज्यिक बैंक मे निवेश कराकर अरबों रुपये के महाघोटाले का जन्म दिया गया।
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