
लखनऊ । नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के हिंसक विरोध के बाद यूपी सरकार ने शनिवार दोपहर तक लखनऊ में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बरेली, प्रयागराज और संभल जिलों में इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं। सरकार ने यह कदम गुरुवार को हिंसा के बाद यह कदम उठाया। एडिशनल मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि लखनऊ जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं और एसएमएस सेवाओं को 21 अगस्त, शनिवार दोपहर 12 बजे तक निलंबित रखा जाएगा।
उप्र में समाजवादी पार्टी के आह्वान पर बुलाया गया विरोध प्रदर्शन दोपहर होते ही लखनऊ में आगजनी, तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग में तब्दील हो गया। उपद्रवियों ने दर्जनों सरकारी और निजी वाहनों में आग लगाने के साथ ही दो पुलिस चौकी फूंक दी। हिंसा में हुसैनाबाद इलाके में एक शख्स की मौत हुई है, जबकि दो युवक गोली लगने से घायल हो गए। मीडिया की ओबी वैन भी निशाना बनीं। पथराव में एडीजी, आइजी, एसपी ट्रैफिक सहित 70 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बेकाबू होता देख मेट्रो और परिवहन निगम की बसों को अगले आदेश तक रोक दिया गया।
बाजार सहित तमाम सरकारी और निजी कार्यालय समय से पहले बंद करा दिए गए। विवि की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। वहीं संभल में उग्र प्रदर्शनकारियों ने कई जगह जमकर तोड़फोड़ की। सम्भल में रोडवेज की बसों को तो लखनऊ में पुलिस चौकी के बाहर खड़े वाहनों को निशाना बनाया गया।पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को तितर-बितर किया। रामपुर में सांसद आजम खां और अन्य सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्वाचल के वाराणसी, मऊ, भदोही और प्रयागराज में सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
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