
नयी दिल्ली : स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अब एक्टिव केस से ज्यादा हो गयी है. मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में कोरोना से रिकवरी रेट अब 49.21 प्रतिशत हो गया है. उन्होंने बताया कि यह आंकड़े सुखद हैं और यह साबित करते हैं कि हमारे प्रयास सफल हो रहे हैं.
इस अवसर पर आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा कि अभी देश में संक्रमण का खतरा टला नहीं है, यह बरकरार है इसलिए सरकार को संक्रमण रोकने के तमाम उपाय करने होंगे. उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी आबादी वाला देश है, लेकिन वायरस के प्रसार की व्यापकता अभी कम है. इससे यह साबित होता है कि लॉकडाउन से हमें फायदा मिला है.उन्होंने कहा कि आईसीएमआर यह दावे के साथ कहता है कि हमारे देश में कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो रहा है.
उन्होंने बताया कि आईसीएमआर ने जिन 83 जिलों में सीरो-सर्वेक्षण किया, वहां की 0.73 प्रतिशत आबादी के कोरोना वायरस के पहले संपर्क में आने के सबूत हैं. सेरो-सर्वेक्षण दर्शाता है कि कोरोना वायरस को नियंत्रित करने में लॉकडाउन और संक्रमण को काबू करने के लिए उठाये गये कदम सफल रहे. उन्होंने कहा कि सीरो-सर्वेक्षण के अनुसार आबादी के बड़े हिस्से को अब भी कोविड-19 के संक्रमण का खतरा है.
आज देश में कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 9,996 मामले सामने आये तथा 357 लोगों की मौत हुई. इसके साथ बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक संक्रमण के कुल 2,86,579 मामले हो गये तथा कुल 8,102 संक्रमितों की मौत हो चुकी है. आज लगातार दूसरे दिन ऐसा हुआ है जब स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या से अधिक है.
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