एमईआईएस का पोर्टल नहीं खुलने से भी निर्यातक परेशान

lucknow । मुरादाबाद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में इंडस्ट्री को ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने और रॉ मैटीरियल की अत्यधिक महंगाई के बीच हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों को अब एक बार फिर जीएसटी रिफंड फंस जाने का झटका लगा है। मुरादाबाद के निर्यातकों का डेढ़ अरब का जीएसटी रिफंड फंस गया है। निर्यातकों ने अटका जीएसटी रिफंड दिलाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री को ई मेल भेजा गया है। एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि तेइस अप्रैल तक संबंधित विभाग की ओर से जीएसटी रिफंड के ऑर्डर जारी कर दिए गए थे, लेकिन, एक महीना बीत जाने के बाद भी निर्यातकों के खाते में जीएसटी रिफंड की रकम नहीं पहुंची है।
वित्त मंत्री को भेजे ई मेल में एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के भीषण प्रकोप के बीच अधिकतर प्रतिष्ठान लगभग बंद पड़े हैं। कोरोना के चलते तमाम विदेशी ग्राहक भी अभी निर्यातकों को पेमेंट नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते निर्यातकों को अपने स्टाफ को वेतन दिलाना सुनिश्चित कराने व अन्य खर्चों को लेकर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में जीएसटी रिफंड भी अटक जाने से समस्या विकट हो गई है। कुछ महीने पहले भी निर्यातकों को जीएसटी रिफंड अटक जाने की स्थिति से गुजरना पड़ा था।
तब एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय से मदद की गुहार लगाई गई थी। जिसके बाद निर्यातकों को जीएसटी रिफंड दिलाने की कार्यवाही शुरू हुई थी, लेकिन, एक महीने से रिफंड फिर अटक जाने से निर्यातक बेहाल हो उठे हैं।
एमईआईएस का पोर्टल नहीं खुलने से भी निर्यातक परेशान
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