एलडीए की लापरवाही : ग्रीन वुड अपार्टमेंट में पानी संकट, छ सौ लोगों को खरीद कर पीना पड़ रहा है पानी


बोरिंग फेल होने से बढ़ी समस्या, खरीदकर पानी पी रहे लोग

नहाने व कपड़े धोने के लिए टैंकर से पानी ढोना पड़ रहा

लखनऊ। एलडीए अधिकारियों और बिल्डरों के चले आ रहे गठजोड़ ने गोमतीनगर विस्तार के ग्रीन वुड अपार्टमेंट में रहने वाले करीब छः सौ लोगों के सामने इस कोरोनाकाल में पानी का संकट खड़ा कर दिया है । एलडीए की लापरवाही से बोरिंग फेल होने से यहां के निवासियों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है । गोमतीनगर विस्तार स्थित ग्रीनवुड के आई व जे ब्लॉक में रहने वालों के सामने पानी संकट गहरा गया है। इस अपार्टमेंट में 168 फ्लैट हैं। इसमें रह रहे लगभग 600 लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। पानी आपूर्ति के लिए लगे ट्यूबवेल की बोरिंग फेल हो गई है। नहाने व कपड़े धोने के लिए टैंकर से पानी ढोना पड़ रहा है। अपार्टमेंट के निवासियों ने एलडीए वीसी से पानी की समस्या तत्काल दूर करने की मांग की है।

यहां के लोगों का आरोप है कि एलडीए ने फ्लैट तो बना दिये लेकिन पीने के पानी की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की। बिल्डिंग निर्माण के समय निर्माण एजेंसी एनसीसी ने मात्र 180 फुट की अस्थाई बोरिंग कराई थी। बाद में एलडीए ने उसी बोरिंग से आवंटियों को पीने के पानी की सप्लाई दे दी। हर दो-तीन महीने पर लगभग चार ट्रक बालू पानी की टंकी से निकाला जाता था। लगातार बालू फेंकने के कारण अस्थाई बोरिंग भी शुक्रवार की रात पूरी तरीके से फेल हो गई। अपार्टमेंट के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा। सभी 168 आवंटी पानी के लिए परेशान हैं।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने बताया कि एलडीए ने आवंटियों के लिए पीने के लिए शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं की। कोरोना काल में पानी के संकट से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। यह मौलिक अधिकारों का हनन है। आवंटियों के साथ धोखा किया गया है।

एलडीए वीसी को पत्र लिखकर कहा है कि पानी की समस्या को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने बिना कोई देर किए स्थाई बारिंग कराने की मांग की है।


Scroll To Top
Translate »