
नई दिल्ली| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आज आम बजट पेश किया. इस बजट के पेश होने से पहले इनकम टैक्स में बदलाव की काफी चर्चा हो रही थी. कोरोना संकट के कारण चरमराई अर्थव्यवस्था, लोगों की घटी आमदनी और बढ़ती महंगाई के चलते लोग स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहे थे. हालांकि, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलवा नहीं किया है.
हालांकि, लोग अब दो साल तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं. इनकम टैक्स रिटर्न में अगर गलती से कुछ छूट जाता है तो उसमें सुधार किया जा सकता है. वहीं, को ऑपरेटिव सोसाइटी को अब 14 फीसदी का MAT चुकाना पड़ेगा. एक करोड़ से 10 करोड़ की आमदनी वाली सोसाइटी को सिर्फ 7 फीसदी सरचार्ज चुकाना पड़ेगा. दिव्यांग व्यक्ति के पैरेंट को 60 साल की उम्र तक एन्युटी मिल सकेगी.
देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मार्च 2023 तक टैक्स में छूट देने का एलान किया है. आमदनी की घोषणा नहीं करने पर सर्च में पाई गई रकम पर पूरा टैक्स चुकाना पड़ेगा. बिजनेस प्रमोशन के लिए एजेंट को हर साल 20,000 रुपये से अधिक के गिफ्ट पर टैक्स देना पड़ेगा.
साल 2014 में मोदी सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया था. इसी साल 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए इनकम टैक्स स्लैब को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया था.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. बजट में बदले गए टैक्स स्लैब के मुताबिक 2.5 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं है. 2.5 लाख से 3 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगता है.
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