मुख्यमंत्री ने वृहद ऋण मेले के अन्तर्गत 01 लाख 90 हजार लाभार्थी हस्तशिल्पियों कारीगरों एवं उद्यमियों को 16 हजार करोड़ रु0 के ऋण का वितरण किया


अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 एवं अमेज़ॉन के वी0पी0 पॉलिसी के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां लोक भवन में आयोजित समारोह में वृहद ऋण मेले का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने 09 हस्तशिल्पियों, कारीगरों एवं उद्यमियों को दिये गये ऋण का प्रतीकात्मक चेक सौंपा। सभी 75 जनपदों में आयोजित वृहद ऋण मेले के इस कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’, ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’, ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’, ‘एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना’ आदि के 01 लाख 90 हजार लाभार्थी हस्तशिल्पियों, कारीगरों एवं उद्यमियों को 16 हजार करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वर्ष 2022-23 की 2.95 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के अन्तर्गत 05 जनपदों-आगरा, अम्बेडकरनगर, सीतापुर, आजमगढ़, सिद्धार्थनगर में स्थापित कॉमन फैसिलिटी सेण्टर का उद्घाटन किया। उन्होंने कॉमन फैसिलिटी सेण्टर पर उपस्थित लाभार्थियों से संवाद भी किया। लाभार्थियों ने कॉमन फैसिलिटी सेण्टर की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बताया कि इस सेण्टर की स्थापना से ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के हस्तशिल्पियों, कारीगरों, उद्यमियों को आधुनिक तकनीकी से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी और आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कॉमन फैसिलिटी सेण्टर की स्थापना के लिए हस्तशिल्पियों, कारीगरों, उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सभी जनपदों में कॉमन फैसिलिटी सेण्टर की स्थापना की कार्यवाही को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ में जनपद आजमगढ़ के विशिष्ट उत्पाद के रूप में ब्लैक पॉटरी चिन्हित है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 के राष्ट्राध्यक्षों को आजमगढ़ जनपद की ब्लैक पॉटरी उपहार स्वरूप प्रदान किया है। इससे इस जनपद की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान में सकारात्मक बदलाव आया है। जनपद सिद्धार्थनगर के ‘एक जनपद एक उत्पाद’ काला नमक चावल के उत्पादकों को इसकी खेती को गो-आधारित प्राकृतिक खेती से जोड़ने पर विचार करना चाहिए। काला नमक चावल की एक किलोग्राम, दो किलोग्राम, पांच किलोग्राम जैसी छोटी पैकेजिंग इस उत्पाद की मांग को देश-विदेश में बढ़ाने में सहायक होगी।

मुख्यमंत्री के समक्ष कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल एवं अमेज़ॉन के वी0पी0 पॉलिसी श्री चेतन कृष्ण स्वामी के मध्य एक एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया। ज्ञातव्य है कि कानपुर में अमेज़ॉन के डिजिटल केन्द्र का शुभारम्भ किया गया है। इस केन्द्र के माध्यम से एम0एस0एम0ई0 हस्तशिल्पियों, कारीगरों, उद्यमियों को देश-विदेश में अपने उत्पादों की मार्केटिंग में सहूलियत होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 35 जनपदों में सिडबी के सहयोग से स्वावलम्बन केन्द्रों का शुभारम्भ किया गया है। यह केन्द्र नये उद्यमियों की हैण्ड होल्डिंग का कार्य करेंगे। भविष्य में प्रदेश के सभी जनपदों में यह केन्द्र स्थापित किये जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने कृषि के साथ-साथ परम्परागत उद्यम को बढ़ावा दिया। 24 जनवरी, 2018 को ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ लागू की गयी। वर्तमान में यह योजना प्रदेश को एक्सपोर्ट का हब बनाकर नई पहचान दिला रही है। वर्ष 2016 में प्रदेश से लगभग 80 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता था, जो अब बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपये का हो गया है। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के उद्यमियों ने अभूतपूर्व कौशल दिखाया। बैंकों द्वारा इसमें सहयोग किया गया है। इससे वर्तमान में प्रदेश की बेरोजगारी दर 3 प्रतिशत से कम है। कोरोना काल खण्ड में भी प्रदेश में तकनीक का प्रयोग करते हुए लोन मेला आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश अब एक उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। राज्य में सी0डी0 रेशियो 46 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार व बैंकों के सहयोग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के आगे बढ़ाने से प्रदेश के युवाओं ने स्वरोजगार के माध्यम से दूसरों को भी रोजगार के अवसर सुलभ कराए हैं। प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप आज का प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला युवा बन गया है। बैंकों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश का हस्तशिल्पी, कारीगर, उद्यमी का कौशल और परिश्रम बैंकों की पूंजी की गारण्टी है। राज्य सरकार ऐसी योजना पर कार्य कर रही है, जो प्रदेश के हस्तशिल्पियों, कारीगरों, उद्यमियों के लिए सम्बल बन सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परिवार कार्ड जारी करने जा रही है। इसके अन्तर्गत शीघ्र ही ऐसे परिवारों की मैपिंग कराने जा रहे हैं, जिनके किसी सदस्य ने कभी सरकारी नौकरी नहीं प्राप्त की। प्रदेश सरकार का प्रयास होगा कि ऐसे परिवारों के एक सदस्य को नौकरी, स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इसमें बैंकर्स की बड़ी भूमिका है। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से सी0डी0 रेशियो को बढ़ाकर 55 प्रतिशत करने का आग्रह करते हुए कहा कि आगामी 05 वर्षाें में इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक ले जाना चाहिए। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के प्रति जनविश्वास बढ़ेगा।

एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में एम0एस0एम0ई0 विभाग हस्तशिल्पियों, कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश उद्यमियों और निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि एम0एस0एम0ई0 विभाग की 100 दिन की कार्ययोजना के तहत ऋण मेले के आयोजन का लक्ष्य था। इसी क्रम में आज का यह ऋण मेला आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’, ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’, ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ एवं ‘एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना’ आदि के तहत 1.90 लाख लाभार्थियों को 16 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।

कार्यक्रम को एस0एल0बी0सी0 के राज्य संयोजक श्री बृजेश कुमार सिंह ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अन्त में स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के मुख्य महाप्रबन्धक श्री अजय खन्ना ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग श्री मनीष चौहान, इन्वेस्ट यू0पी0 के सी0ई0ओ0 श्री अभिषेक प्रकाश, निदेशक सूचना श्री शिशिर, अपर निदेशक सूचना श्री अंशुमान राम त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में हस्तशिल्पी, कारीगर तथा उद्यमी उपस्थित थे। सभी 75 जनपदों से हस्तशिल्पी, कारीगर तथा उद्यमी कार्यक्रम के साथ डिजिटल माध्यम से जुड़े हुए थे।
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