ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण से 44 अधिकारियों को रिलीव किया गया , तबादले के बाद भी अभी तक थे जमें


लखनऊ | गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों से पिछले दिनों बड़े पैमाने पर तबादले किए गए थे। नौकरी की शुरुआत से लेकर अब तक यहीं जमे हुए 66 अफसरों के स्थानांतरण कानपुर में उत्तर प्रदेश औद्योगिक राज्य विकास प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण में किए गए। बुधवार को इनमें से 20 अफसरों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कार्य मुक्त कर दिया है। अभी 8 अधिकारियों को कार्य मुक्त नहीं किया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के चार अफसरों का तबादला शासन ने किया था। प्राधिकरण ने चारों को कार्यमुक्त कर दिया है। नोएडा अथॉरिटी ने भी 20 अफसरों को कार्यमुक्त किया है।

इस तरह तीनों अथॉरिटी ने 44 अफसरों को पदभार से मुक्त किया है।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से प्रबंधक टेकचंद और मोइन खान को भी कार्य मुक्त कर दिया गया है। इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट के मैनेजर मनोज को कार्य मुक्त कर दिया गया है। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप दुली ने बताया कि बुधवार को 20 अधिकारियों को कार्य मुक्त कर दिया गया है। मुख्य रूप से सीनियर मैनेजर सुभाष चंद्रा और प्रॉपर्टी डिपार्टमेंट के मैनेजर प्रबुद्ध गौतम को कार्यमुक्त किया गया है। आपको बता दें कि प्रबुद्ध गौतम उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राजस्व मंत्री रवि गौतम के बेटे हैं। यह सभी नवीन पदों पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करेंगे। शासन ने आदेश दिया है कि अगर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से कार्यमुक्त नहीं होंगे तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के चार अफसरों का तबादला शासन ने किया था। प्राधिकरण ने चारों को कार्य मुक्त कर दिया है। सभी को नए तैनाती स्थलों पर ज्वाइन करने का आदेश दिया गया है। यमुना प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर सतपाल भाटी समेत 4 अधिकारियों के तबादले राज्य सरकार ने किए थे।


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