जीडीए वीसी अतुल वत्स का औचक निरीक्षण में कड़ा रुख, साहिबाबाद में 7 अवैध निर्माण सील, सुपरवाइजर निलंबित, और अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस


उपाध्यक्ष की इस कार्रवाई से GDA के प्रवर्तन जोनों व अभियंताओं में हड़कंप

लखनऊ। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने आज प्रवर्तन जोन 7 के साहिबाबाद क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर सात निर्माणों को देखा । मौके पर अवैध निर्माण होते देख कर वीसी ने कड़ा रूख अपनाते हुए सातों निर्माणों को सील करने का निर्देश दिया। साथ ही क्षेत्र के सुपरवाइजरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस दिया।
उपाध्यक्ष अतुल वत्स की इस कार्रवाई से प्राधिकरण के प्रवर्तन जोनों व अभियंताओं में हड़कंप मच गया है ।

आज उपाध्यक्ष, द्वारा जोन-7 के अन्तर्गत थाना-साहिबाबाद क्षेत्रान्तर्गत कुल 07 निर्माणों पर प्र0 अधिकारी प्रवर्तन व जोन-7 की प्रवर्तन टीम के साथ औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण किये गये निर्माणों का विवरण इस प्रकार है-

  1. वाद संख्या-जी0डी0ए0/ए0एन0आई0/2023/0002475 दिनांक-11.08.2023 ए0टी0जेड0 लैब सौल्यूशन्स प्रा0 लि0 द्वारा डायरेक्टर श्री रंजन साहनी, भूखण्ड संख्या-11/67 सैक्टर-3 राजेन्द्रनगर, गाज़ियाबाद।
  2. भूखण्ड संख्या-11/154, सैक्टर- श्री सुभाष कौशिक द्वारा किया जा रहा आवासीय निर्माण।
  3. भूखण्ड संख्या-6/111, सैक्टर- श्री सनी गुप्ता द्वारा निर्माण किया जा रहा है, जो प्रथम दृष्टया आवासीय है।
  4. वाद संख्या-जी0डी0ए0/ए0एन0आई0/2023/0002426/23 दिनांक 06.07.2023 श्री राकेश कुमार जैन, आदि भूखण्ड संख्या-4/13 सैक्टर-5 राजेन्द्र नगर, गाज़ियाबाद।
  5. वाद संख्या-0002338/अ0नि0/जोन-7/दिनांक 06.05.2023 श्रीमती रितिका नागपाल व श्रीमती वन्दना नागपाल, भूखण्ड संख्या-6/109, सैक्टर-2, राजेन्द्रनगर।
  6. वाद संख्या-जी0डी0ए0/ए0एन0आई0/2023/0002475/23 दिनांक 06.07.2023 श्री प्रेमपाल यादव आदि भूखण्ड संख्या-04/9 सैक्टर 5 राजेन्द्रनगर।
  7. वाद संख्या-84/अ0नि0/जोन-7/2022-23 दिनांक-20.02.2023 श्री अनुराग गांधी आदि भूखण्ड संख्या-11/107, सैक्टर-03 राजेन्द्रनगर गाजियाबाद।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मुख्यतः यह निर्माण आवासीय मानचित्र स्वीकृत कराते हुए निर्मित किये जा रहे है, जिनमें बेसमेन्ट+स्टिल्ट तथा 03 या 04 तल स्वीकृत किये गये है। मौके पर बेसमेन्ट को मौजूदा मार्ग स्तर से काफी ऊपर निर्मित किया गया है, जिससे बेसमेन्ट की प्रकृति प्रभावित हो रही है। इसी तरह स्टिल्ट तल को इस प्रकार निर्मित किया जा रहा है कि भविष्य में इसमें पार्किंग न करके इसका व्यवसायीकरण कर दिया जाये। किसी भी निर्माण स्थल पर प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध नहीं कराया जा सका जबकि मानचित्र स्वीकृत करते समय इस शर्त के साथ अनुमोदित किया जाता है कि स्वीकृत मानचित्र को निर्माण स्थल पर दर्शित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त निर्माण स्थल पर कोई भी तकनीकी मानव संपदा उपस्थित नहीं पाया गया एवं निर्धारित सैटबैक कवर करते हुए मानको के विपरीत निर्माण किये जा रहे है। पूर्व में भी इन निर्माण के नियमविपरीत होने पर ही इनको नोटिस जारी कर वाद संस्थित किए गए थे, परंतु इसके उपरांत भी निर्माण कार्य क्रियाशील था। उपरोक्त विसंगतियाँ इस तथ्य को स्पष्ट करती हैं कि संगठित रूप से अवैध निर्माण किया जा रहा है, जिसमे प्राधिकरण कर्मचारियों/अधिकारियों की घोर पर्यवेक्षणीय लापरवाही दर्शित हो रही है। सभी निर्माण को विधि विरुद्ध किये जाने पर उ प्र नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं में तत्काल कार्यवाही करते हुए सील करने के निर्देश दिये गये है।

सब जोन 703 व 704 में तैनात सुपरवाईजरगण को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है एवं जोन अभियन्ता को कारण बताओं नोटिस दिया जाता है। जांचोपरान्त पर्यवेक्षणीय लापरवाही पुष्ट होने पर दंडात्मक कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित की जायेगी।

तत्क्रम में भविष्य हेतु निर्माणकर्ताओं/विकासकर्ताओं को निर्देशित किया जाता है कि गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत भूमि पर विधिवत मानचित्र स्वीकृत कराकर विकास कार्य करें। इसके साथ ही आम जनमानस को भी सूचित किया जाता है कि किसी भी वादग्रस्त/विवादित निर्माण/अवैध कालोनी में भवनों/भूखण्डोंक्रय-विक्रय न करें।


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