जीडीए वीसी ने जोन तीन में पकड़ा अवैध व अनाधिकृत कालोनियों का विकास, सुपरवाइजर निलंबित, अभियंता को नोटिस


वीसी के औचक निरीक्षण से जीडीए में हड़कंप, लगातार पकड़े जा रहें हैं अवैध निर्माण

लखनऊ। जीडीए वीसी अतुल वत्स ने आज फिर जोन तीन के अन्तर्गत मधुबन बापूधाम के ग्राम मटियाला क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर अभियंताओं की मिली भगत से बड़े स्तर पर अवैध व अनाधिकृत कालोनियों का विकास प्लांटिंग कर किया जाता हुआ पकड़ा ।
वीसी ने क्षेत्र के सुपरवाइजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा जोन अभियंता को कारण बताओ नोटिस दिया है ।

प्रवर्तन जोन-3 के अन्तर्गत थाना-मधुबन-बापूधाम क्षेत्रान्तर्गत ग्राम-मटियाला क्षेत्र का प्रवर्तन जोन-3 की टीम के साथ औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि बड़े स्तर पर अवैध/अनाधिकृत कॉलोनियों का विकास किया जा रहा है, कई स्थानों पर निर्माण कार्य क्रियाशील है। उपरोक्त कॉलोनियो में कुछ में पूर्व में ध्वस्तीकरण किया जाना दर्शित हुआ, परंतु इसके उपरांत भी निर्माणकर्ता द्वारा पुनः कार्य प्रारंभ कर दिया गया। पूर्व में योजित वादों का विवरण निम्न हैः-

1.वाद संख्या-71/अ0नि0/प्र0 जोन-3/17-18 दिनांक-12.06.2017 श्री सचिन कुमार व मोहित कुमार पुत्रगण श्री ऋषि, प्रदीप चौधरी पुत्र श्री बदन सिंह एवं उमाकान्त शर्मा, निवासी-सदरपुर, गाज़ियाबाद।
2.वाद संख्या-वाद संख्या-102/अ0नि0/प्रवर्तन जोन-3/2022 दिनांक 18.08.2022 मौ0 आबिद व मौ0 अतीक पुत्रगण शमशुद्दीन व इन्द्रपाल पुत्र हरि सिंह आदि निवासी-ग्राम सदरपुर, गाजियाबाद
3.वाद संख्या- जी0डी0ए0/अ0नि0/2023/0002390 दिनांक 17.06.2023 श्री जयपाल सिंह व श्री वेदपाल सिंह, पुत्रगण श्री समय सिंह व श्री कुलदीप आदि खसरा संख्या-391, ग्राम-मटियाला, गाजियाबाद।
4.वाद संख्या-150/अ0नि0/जोन-3/2022 दिनांक 24.01.2022 श्री अमित चौधरी व श्री सचिन चौधरी निवासी- फ्रैण्डस कालोनी के बगल में ग्राम-मटियाला, गाजियाबाद।

पूर्व में कार्यवाही उपरांत भी पुनः निर्माण/विकास कार्य क्रियाशील पाया गया, इसका मुख्य कारण आधा-अधूरा ध्वस्तीकरण है। सभी निर्माण पर पुनः उ0प्र0 नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं में तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।
इसके अतिरिक्त सब जोन-311 में तैनात सुपरवाईजर को लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है एवं जोन अभियन्ता को कारण बताओं नोटिस दिया जाता है। जांचोपरान्त पर्यवेक्षणीय लापरवाही पुष्ट होने पर दंडात्मक कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित की जायेगी।

तत्क्रम में आम जनमानस को भी सूचित किया जाता है कि किसी भी वादग्रस्त/विवादित निर्माण/अवैध कालोनी में भवनों/भूखण्डों का क्रय-विक्रय न करें।


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