कैप्टन ने बाजवा को दी कार्रवाई करने की खुली चुनौती


पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी मेंबर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को खुली चुनौती दी है।

बाजवा ने बयान दिया था कि कैप्टन के खिलाफ समय आने पर कार्रवाई की जाएगी। जिससे भड़के कैप्टन ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

कैप्टन ने कहा कि यही उचित समय है। हम भी देख लें कि बाजवा क्या करना चाहते हैं। कैप्टन ने कहा कि अफसोस की बात है कि बाजवा यह नहीं जानते कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी, सीडब्ल्यूसी केअधीन आती है। जिसके कि कैप्टन मेंबर हैं।

कैप्टन ने बाजवा द्वारा ड्रग रैकेट की जांच सीबीआई को देने की मांग को लेकर चलाए आंदोलन पर भी हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई को जांच देने संबंधी सारा ड्रामा पार्टी में लोगों का ध्यान बंटवाने के लिए है। क्योंकि बाजवा ने अपने चहेतों को पद देने केलिए योग्य व सीनियर कांग्रेसियों को नजरंदाज किया।

जिला कांग्रेस पदाधिकारियों की नियुक्ति में भी अपने चहेतों को तरजीह दी। जिसे लेकर पार्टी में बगावत हुई। अब बाजवा उस सवाल को टालने के लिए यह आंदोलन चला रहे हैं।

नेशनल ड्रग पॉलिसी पर दिया जोर
चंडीगढ़। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नेशनल ड्रग पॉलिसी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने पांच बार इस मुद्दे को उठाया। दो बार अटल बिहारी वाजपेई और तीन बार डॉ. मनमोहन सिंह के सामने सीएम कांफ्रेंस में उन्होंने यह मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बिना किसी रोक के नशीले पदार्थ पैदा किए और बेचे जाते हैं। राजस्थान में भी नशे बेचने पर रोक नहीं है। जिसके चलते पंजाब घरेलू नशों के लिए मार्केट बन चुका है।

वहीं, पाकिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थ भी कई सालों से परेशानी बने हुए हैं। इसलिए सिर्फ राष्ट्रीय नीति से ही नशों की समस्या हल हो सकती है। साथ ही नशों से संबंधित अफराधों की सजा भी बढ़ाई जानी चाहिए।

कैप्टन ने कहा कि पंजाब में ड्रग रैकेट को लेकर चल रही जांच में सिर्फ एक ग्रुप शामिल है। पूरे राज्य से नशों का सफाया होना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि वह पंजाब पुलिस की जांच को उचित नतीजे तक पहुंचाने का समर्थन करते हैं। अगर किसी सियासी पार्टी के प्रति नरमी दिखाई जाती है तो मामला हाईकोर्ट ले जाया जाएगा।


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