वैसे तो ताउम्र खानपान का ध्यान रखना सेहत के लिए लाभप्रद है, लेकिन परीक्षाओं की तैयारियों के दौरान छात्र-छात्राओं (स्टूडेंट्स) को खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि शारीरिक अस्वस्थता इम्तहान में स्टूडेंट्स की परफार्मेन्स पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, लेकिन कुछ सुझावों पर अमल कर स्टूडेंट्स स्वस्थ बने रह सकते हैं..
-अभिभावकों की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को नियमित समय से खाने-पीने के लिए प्रेरित करें। ब्रेकफास्ट, दोपहर व रात के भोजन का समय पहले से ही सुनिश्चित करें।
-स्टूडेंट्स को ब्रेक फास्ट जरूर करना चाहिए। लंच व डिनर में भूख से कम खाना बेहतर है।
-ड्राई फ्रूट्स लें, क्योंकि इनमें विटामिन और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के साथ मस्तिष्क की सक्रियता को भी बढ़ाते हैं।
-घर पर बना खाना ही खाएं।
-खानपान में हरी सब्जियों को प्राथमिकता दें।
-भोजन के साथ सलाद अवश्य लें।
-जूस और सूप लें, क्योंकि इनसे शरीर को शीघ्र ही ऊर्जा मिलती है।
-साबुत अनाज में फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जिनसे पेट साफ रहता है।
-सुबह या रात को सोते समय एक गिलास दूध अवश्य लें। दूध में विटामिन सी को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख पोषक तत्व पाए जाते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
-तनाव को स्वयं पर हावी न होने दें।
-मनाोबल को ऊंचा रखें और खुद पर विश्वास रखें। तभी आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
-प्रतिदिन आधे घंटे का व्यायाम करें या फिर लगभग एक घंटे तक कोई आउटडोर गेम खेलें। कसरत या शारीरिक श्रम करने से शरीर में रक्त संचार सुचारु रूप से होता है। इस कारण आप शारीरिक तौर पर तरोताजा और सक्रिय महसूस करेंगे।
-लगभग एक घंटे की पढ़ाई के बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। ऐसा करने से अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है।
-7से 8 घंटों की नींद अवश्य लें। नींद पूरी होने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ जाती है।
-किसी विषय वस्तु को याद करने के बजाय उसे समझने की कोशिश करें। ऐसा करने से आप जटिल सवालों का सटीक समाधान कर सकते / सकती हैं।
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