नई दिल्ली: वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर सेवानिवृत्त सैनिकों में बढ़ रहे असंतोष के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें आज फिर भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार इस मुद्दे को हर हाल में सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के हक में ला कर रहेगी। मोदी ने आकाशवाणी पर अपने मन की बात कार्यक्रम में वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर सियासी टीकाटिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह मसला 40 साल से लंबित है। यह विषय बहुत पेचीदा है। पिछली सभी सरकारों ने इस बारे में बहुत बातें कीं हैं। इस दौरान इस मुद्दे को और उलझाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं ये बात एक प्रधानमन्त्री के तौर पर नहीं कर रहा हूं। मेरे भीतर का इंसान, दिल की सच्चाई से, मन की गहराई से, मेरे देश के सैनिकों से मैं आज बात करना चाहता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने इसको सरल बनाने की दिशा में, सर्वस्वीकृत बनाने की दिशा में, सरकार में बैठे हुए सबको रास्ते खोकाने पर लगाया हुआ है। आपको विश्वास दिलाता हूं यही सरकार, मैं फिर से कहता हूं- यही सरकार आपके वन-रैंक, वन-पेंशन के मसले का समाधान लाकर के रहेगी।’
उन्होंने कहा कि इस बारे में तेजी से काम हो रहा है। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों से जुड़ा यह विषय उनके लिये कोई सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि उनकी राष्ट्रभक्ति का प्रकटीकरण है। उन्होंने कहा कि वह जिस विचारधारा में पले हैं और जिन आदर्शो को लेकर आगे बढ़ें हैं, उसमें सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के जीवन का बहुत महत्व है। मोदी ने कहा ‘मैं देश के सभी सेना के जवानों को आग्रह करूंगा कि राजनीतिक रोटी सेंकने वाले लोग चालीस साल तक आपके साथ खेल खेलते रहे हैं। मुझे वो मार्ग मंजूर नहीं है, और न ही मैं कोई ऐसे कदम उठाना चाहता हूं, जो समस्याओं को जटिल बना दे।
आप मुझ पर भरोसा रखिए, बाकी जिनको बातें उछालनी होंगी, विवाद करने होंगे, अपनी राजनीति करनी होगी, उनको मुबारक।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘चालीस साल तक आपने धैर्य रखा है- मुझे कुछ समय दीजिए, काम करने का अवसर दीजिए, और हम मिल बैठकर के समस्याओं का समाधान करेंगे। ये मैं फिर से एक बार देशवासियों को विश्वास देता हूं।’
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