नई दिल्ली। मशहूर मैगी नूडल्स के सुरक्षा मानकों को लेकर कई राज्यों में मुश्किलों का सामना कर रही नेस्ले इंडिया कंपनी और उसके उत्पाद मैगी नूडल्स के भ्रामक विज्ञापनो पर स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि केन्द्र सरकार को ऐसी कंपनियो को काली सूची मे डाल देना चाहिए। भ्रामक विज्ञापनो के प्रचार- प्रसार के लिए भी एक नियामक संस्था बनानी चाहिए। और ऐसी कंपनियो और इसके विज्ञापन करने वाले फिल्मी सितारो को काली सूची मे डाल देना चाहिए।
स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय प्रचार- प्रमुख दीपक शर्मा ने कहा कि ‘‘हम पूरे देश मे मैगी नूडल्स के बहिष्कार के लिए आंदोलन चलाएँगे। बहुराष्ट्रीय कंपनियो के उत्पाद और उनके मानको की जाँच के लिए भी हम स्वदेशी अपनाओ देश बचाओ शुरू करेंगे।
दस बड़ी उपभोक्ता कंपनियो के उत्पादो के बारे मे अभी तो यह एक छोटा सा खुलासा हुआ है। पहले भी ऐसे मामले प्रकाश मे आये थे लेकिन उन्हे दबा दिया गया। कोकाकोला जैसी बड़ी कंपनीया भी संदेह के घेरे मे है। अभी तो एक छोटी खिड़की खुली है। कुछ दिन पहले भी खुला था ठंडा मतलब कोकाकोला, बाजारी शक्तियो के आगे फिर से यह मामला भी ठंडे बस्ते मे न डाल दिया जाय। इसके लिए मीडिया को भारत मे शख्त बहस छेड़ने की आवश्यकता है।’’
उन्होने कहा कि बहुत सारी ऐसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां है जिनका कारोबार भारत के बजट से भी अधिक है जिनसे लड़ना आसान नही है। पर सरकार को अब देशहित मे इनपर सख्ती करनी पड़ेगी।
ज्ञातव्य है कि स्वदेशी जागरण मंच संघ का एक आशांगिक संगठन है। जो भारतीय स्वदेशी उद्योगों स्वदेशी उत्पादो एवं भारतीय संस्कृति के विकास के लिये जनता में जागरूकता पैदा करता है। इसकी पहचान संघ परिवार के एक घटक के रूप में है।
वही दुसरी और देश में मैगी नूडल्स पर बवाल बढ़ता जा रहा है। कई राज्यो मे प्रतिबंध के बाद दिल्ली खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। अब मैगी नूडल्स की सभी केंद्रीय भंडारों पर बिक्री को लेकर रोक लगा दी गई है।
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