नक्कास बाजार में लाईन टूटने से मरणासन्न हुए सानू का मामला
लखनऊ। गत सात जून को नक्कास बाजार में 11 केवी लाईन टूटकर
गिरने से 23 वर्षीय सानू नामक युवक बुरी तरह झुलस गया था। मरणासन्न
अवस्था में सानू को ट्रामा सेन्टर में भर्ती कराया गया था। इस मामले में
सानू की तरफ से बिजली विभाग एवं बिजली विभाग की तरफ से क्रास एफआईआर भी
दर्ज कराई गई थी। लेकिन विद्युत सुरक्षा अधिनियम के तहत इस मामले में
नादान महल रोड़ के एसडीओं ने घटना की जानकारी समय पर न तो विद्युत
सुरक्षा निदेशालय को दी न ही घटना की सूचना दूरभाष पर उपलब्ध कराई गई।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने जब यह घटना अखबारों में पढ़ी तो स्वतः
संज्ञान लेते हुए उपखण्ड अधिकारी विद्युत वितरण उपखण्ड को पत्र लिख वस्तु
स्थिति की जानकारी मांगी। लेकिन भारतीय विद्युत नियमावली 1956 के नियम 44
ए के अन्तर्गत भेजी गई जानकारी में उक्त एसडीओं ने बिना डर भय के
जानबूझकर पीडि़त का नाम अज्ञात लिखकर जहाॅ निदेशालय को गुमराह किया वही
पीडि़त के साथ भी धोखा किया। सूत्र बताते है कि इस मामले में विद्युत
सुरक्षा निदेशालय ने कठोर रूख अपनाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अनुस्मारक
भेजा है।
बताया जाता है कि सात जून को नक्कास बाजार सेन्ट्रल बैक के सामने लाईन का
तार टूटकर गिरने से भगदड़ मच गई थी तार की चपेट में आए सानू को चिकित्सा
सेवा के लिए भेजा गया था। सात जून से आज तक सानू जिन्दगी और मौत से
संघर्ष कर रहा है। इस मामले को समाचार पत्र से संज्ञान में लेकर विद्युत
सुरक्षा निदेशालय की तरफ से 9 जून को पत्र लिखकर जो जानकारी मांगी गई
उसके जबाब में एसडीओं का जबाब लेत लतीफी के साथ गुमराह करने वाला था।
समाचार पत्रों, क्षेत्रीय लोगों, मामले में क्रास एफआईआर तथा ट्रामा
सेन्टर में उक्त पीडि़त के भर्ती होने के बावजूद उक्त एसडीओं ने पीडित के
नाम के कलाम में अज्ञात लिखकर भेज दिया। मामला यही खत्म नही हुआ जब
विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों को जाॅच के लिए आमंत्रित करने के
लिए बुलाया गया तो सहायक निदेशक इं. पी.के. निगम, अवर अभियंता संजय
भूटानी, कृष्ण कुमार और एस.के. श्रीवास्तव एसडीओं कार्यालय पहुंचे तो
एसडीओं ने जांच कराने में असमर्थ जता दी गई। नादान महल रोड़ के एसडीओं
की इस गैरजिम्मेदारी से नाराज अधिकारियों ने इस मामले मंे ज्यादा लेट
लतीफी न करने की हिदायत दी। उधर सूत्र बताते है कि निदेशालय पहुंचे
अधिकारियों ने विद्युत दुघर्टना के इस मामले में एसडीओं की कार्यप्रणाली
पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए वरिष्ठ अफसरों को पत्र लिखा है। बिजली विभाग
के सूत्र बताते है बिजली दुर्घटनाओं के प्रति क्षेत्रीय अधिकारियों की इस
तरह की गैर जिम्मेदारी के चलते पीडि़तों को न्याय नही मिल पाता।
उधर इस मामले में विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अफसर से बात करने पर उन्होंने
दुर्घटना होने की बात को तो स्वीकार किया लेकिन आगे की कार्रवाई नही बताई
उन्होंने कहा कि इस मामले में निदेशालय के दायरे में नियमानुसार कार्रवाई
होगी उसे समय से पूरा किया जाएगा।
https://rashtriyadinmaan.com
