लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के चिन्हित 11 जनपदों-आगरा, बरेली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, कन्नौज, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर और वाराणसी में आशा ज्योति केन्द्रों के भवनों का निर्माण आगामी 03 माह में निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ सिग्नेचर भवन के रूप में पूर्ण कराये जायें। उन्होंने कहा कि भवनों का निर्माण इस प्रकार कराया जाये कि उनमें प्राकृतिक रोशनी अवश्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आशा ज्योति केन्द्रों के निर्माण हेतु पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सम्बन्धित जिलाधिकारी द्वारा चिन्हित करा दी गयी है। उन्होंने गाजि़याबाद के जिलाधिकारी को भी निर्देश दिये कि तत्काल उपयुक्त आवश्यक जमीन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में आशा ज्योति केन्द्रों की स्थापना के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला नीति-2006 में प्रत्येक जनपद में एक महिला सशक्तिकरण केन्द्र की परिकल्पना की गयी थी, जिसके अन्तर्गत एक ही छत के नीचे महिला हेल्पलाइन, महिला थाना, कानूनी सहायता, कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना तथा मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक संस्थाओं की सहायता सहित अल्पावास गृह आदि की व्यवस्था की जानी है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केन्द्रों के संचालन हेतु सम्बन्धित विभागों को अपने-अपने विभागीय बजट से स्टाफ एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराकर योजनाओं को डवटेल किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित केन्द्रों पर केवल हिंसा से पीडि़त महिलाओं व बालिकाओं के लिये ही नहीं बल्कि सभी वर्ग की महिलाओं को योजनाओं का लाभ प्रदान कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में आशा ज्योति केन्द्रों की स्थापना पायलट के आधार पर प्रदेश के 11 जनपदों में की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों का संचालन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्टीयरिंग समिति, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी/मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, प्रोजिक्यूशन आॅफिसर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कोषाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी-एन0आई0सी0, अग्रणी बैंक के प्रतिनिधि, जिला आशा ज्योति केन्द्र के समन्वयकों को पायलट जनपदों में सदस्य एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को सदस्य सचिव नामित किया गया है।
श्री रंजन ने बताया कि आशा ज्योति केन्द्रों में हेल्पलाइन सेवायें-1090 वीमेन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, 108 एम्बुलेंस सर्विस आपस में जुड़ी रहेंगी। केन्द्र का प्रशासक/समन्वयक पुलिस और चिकित्सा विभाग से सेवाओं हेतु समन्वय स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि गृह विभाग द्वारा सभी केन्द्रों पर महिला थाना रिपोर्टिंग चैकी की स्थापना की जायेगी, जिसमें पीडि़त महिला को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की सुविधा केन्द्र में ही उपलब्ध करायी जायेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्रों पर 1090 वीमेन पावर लाइन की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग द्वारा सभी केन्द्रों पर चिकित्सा सहायता सेल की स्थापना करायी जायेगी, जिसमें पीडि़त महिला को सी0एम0ओ0/सी0एम0एस0/चिकित्सा अधीक्षक के निर्देशन में चिकित्सीय परीक्षण एवं सहायता तथा अग्रिम चिकित्सीय सेवाओं हेतु रिफरल सर्विसेज की कार्यवाही भी यथासमय सुनिश्चित करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सहायता सेल की स्थापना हिंसा से पीडि़त महिलाओं की सहायता के लिये की जायेगी, जिसके लिये एक एम0बी0बी0एस0 महिला चिकित्सक तथा दो महिला नर्स स्टाफ की तैनाती भी कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव महिला कल्याण श्रीमती रेणुका कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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