खोया सम्मान पाना है तो, सहनशीलता व शर्मीलेपन का ताज उतार फेकना होगा- अपर्णा


pppppppoलखनऊ |  हर व्यक्ति जन्म से ही कुछ अधिकार लेकर आता है चाहे वह जीने का अधिकार हो या विकास के लिए अवसर प्राप्त करने का, परंतु इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर किए जा रहे भेदभाव की वजह से महिलाएं इन अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। इसी विचार के चलते महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने हेतु हमारे संविधान में अलग से कानून बनाए गए हैं और समय-समय पर इनमें संशोधन भी किया गया है। जिसको हमें जानना बहुत जरूरी है। और जानकर अमल करना उससे कही ज्यादा जरूरी है। समाज ने हमें सहनशीलता व शर्मीलेपन का ताज पहना दिया है जिसे उतार फेकना होगा।अपने इरादे को मजबूत कीजिए और दृढ़ संकल्प लिजिए कि अब हम अपने ऊपर हो रहे किसी भी तरह के अपराध का डटकर मुकाबला करेगें और समाज में महिलाओं के प्रति गलत निगाह रखने वाले लोगों को मुहतोड़ जवाब देंगे। उक्त बातें सामाजिक संस्था ‘बी अवेयर फाउंडेशन’ की संरक्षिका समाजसेवी श्रीमती अपर्णा ने राजधानी के राय उमानाथ बाली प्रेक्षागृह में आयोजित महिला सुरक्षा एवं अधिकार विषय पर आयोजित सेमिनार में कही।
       
सेमिनार में लखनऊ मॉल एवेन्यू स्थित चिल्ड्रेन्स एकेडमी कॉलेज के स्टूडेन्ट्स और टीचर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सेमिनार में श्रीमती अपर्णा  यादव ने ‘बी अवेयर’ का अर्थ समझाते हुए कहा कि हमारा उदेश्य महिलाओं को उनकी सुरक्षा एवं अधिकार के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधो की वजह का जिक्र करते हुए कहा कि सामाजिक लोक लज्जा, आत्मबल और आत्म सुरक्षा की कमी, पुलिस का डर और कानून की जानकारी न होना, येे ऐसी प्रमुख बाते है जो महिलाओं को अपराध सहने के लिए मजबूर करती है। हम इन सभी बातों को संजीदगी से समझे और डटकर मुकाबला करें तो निश्चित रूप से अपराध पर अंकुश लग सकेगा। उन्होंने छात्राओं को स्वयं की सुरक्षा के लिए मार्शल आर्ट सीखने के लिए प्रेरित किया। 
उन्होंने आगे कहा कि अगर आपके साथ कोई लगातार घटना होती है और आप किसी से बताती नहीं है तो उससे आपकी परेशनी और बढ़ेगी। इसलिए आप सामाजिक लोक लज्जा से ऊपर उठकर नजदीकी पुलिस थाने में जाईये और बेहिचक प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराईये। पुलिस के प्रति आपके मन में जो भय वाली धारणा घर कर गयी है, उसको सकारात्मक सोच में बदलिये। कानून से डरिये पुलिस से नही। श्रीमती अपर्णा  ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए अति महत्वपूर्ण कानून क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट 2013 बना है। यह एक्ट महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त है बशर्ते इसकी जानकारी हम सबको होनी चाहिए। इसलिए हम लोग इस एक्ट को ध्यान से पढ़े, समझें और दूसरों को भी बतायें, तभी हमारा प्रयास सफल होगा। 
सेमिनार के दौरान प्रोजेक्टर स्क्रीन के जरिये बकायदा अपराध की वजह पुलिस की क्रियाविधि, न्याय प्रणाली और सम्बन्धित कानून की जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं को पुलिस हेल्पलाइन नं0 100, महिला हेल्पलाइन नं0 1090, स्थानीय थाना, महिला पुलिस थाना प्रभारियों का सी0यू0जी0 नम्बर बताया गया, ताकि पुलिस से तुरन्त सहायता प्राप्त की जा सके। 
सेमिनार के अन्त में श्रीमती अपर्णा  यादव ने संकल्प दिलाया कि अब न झुकेगें और न ही डरेंगे बल्कि अपनी लड़ाई खुद लडे़गे। उनके इस संकल्प को छात्राओं ने पूरा करने का वादा भी किया। इस मौके पर हर्ष ने कालेज के मेधावी छात्राओं के सम्मानित किया और सेमिनार को यादगार बनाने के लिए कालेज की प्रिन्सिपल श्रीमती एस० बत्रा और टीचर्स को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए सेमिनार को सफल बनाने में सबके सहयोग का आभार व्यक्त किया।

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