लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों पर धीमी गति एवं सड़कों की मरम्मत समय से न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देश दिये कि प्रदेश के आम नागरिकों को सुगम यातायात हेतु सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने एन0एच0ए0आई0 के अधीन रा0मा0 सं0-29 (वाराणसी-गोरखपुर मार्ग) रा0मा0 सं0-56 (लखनऊ-वाराणसी मार्ग) रा0मा0 सं0-91 (अलीगढ़ से कानपुर) रा0मा0 सं0-24 (सीतापुर से बरेली) एवं रा0मा0 सं0-235 (मेरठ से बुलन्दषहर) मार्ग की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि इन मार्गो का अनुरक्षण एन0एच0ए0आई0 द्वारा समुचित रूप से नहीं किये जाने के कारण सामान्य जनता मे अत्यधिक रोष व्याप्त है तथा समय-समय पर मा0 जनप्रतिनिधि एवं प्रषासकीय अधिकारियो द्वारा भी आक्रोष व्यक्त किया जा रहा है। उन्होंने एन0एच0आई0 के अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि इन राष्ट्रीय राजमार्गों का अनुरक्षण व मरम्मत का कार्य शीघ्रातिशीघ्र निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ कराया जाये।मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम एवं उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेष के 19 जनपद मुख्यालयो को 4 लेन /2 लेन विद पेव्डषोल्डर मार्गो से जोड़े जाने का कार्य एन0एच0ए0आई0 के द्वारा किया जाना प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत रा0मा0 सं0-29 (वाराणसी- गोरखपुर मार्ग) रा0मा0 सं0-91 (अलीगढ़-कानपुर मार्ग) रा0मा0 सं0-233 (वाराणसी- इण्डो नेपाल बार्डर) पर स्थित 06 जनपद मुख्यालय क्रमषः मऊ, गाजीपुर, सुलतानपुर, जौनपुर, अम्बेडकरनगर एवं आजमगढ़ को जोड़ने हेतु अभी भी एन0एच0ए0आई0 द्वारा कार्य प्रारम्भ न किये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुये लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार 3 जनपद मुख्यालय क्रमषः रा0मा0 सं0-91 (कन्नौज-एटा मार्ग) से जुड़ने वाले जनपद कन्नौज, एटा तथा रा0मा0 सं0-7 से जुड़ने वाले मिर्जापुर का कार्य भी यथाशीघ्र प्रारम्भ कराया जाये।
श्री रंजन ने कहा कि साइकिल ट्रैक निर्माण के अन्तर्गत जनपद लखनऊ आगरा तथा फैजाबाद में 11.69 कि0मी0 लम्बाई में साइकिल ट्रैक का निर्माण कराये जाने के फलस्वरूप अवशेष कार्यों को निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ निर्धारित अवधि में पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि जनपद लखनऊ में बक्षी का तालाब से मडि़यांव (रा0मा0 सं024) एवं इंजीनियरिंग कालेज से टेढ़ी पुलिया (रा0मा0 सं0 24ए) मार्ग पर तथा जनपद इटावा की साइकिल ट्रैक का निर्माण की स्वीकृति सक्षम स्तर से प्राप्त कर निर्माण कार्य यथाशीघ्र प्रारम्भ कराया जाये। उन्होंने कहा कि जनपद आगरा, फैजाबाद में स्वीकृत साइकिल ट्रैक के निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता से प्रारम्भ कराया जाये।
श्री रंजन ने उपषा के अधिकारी को दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग, जिससे 03 जनपद (शामली, सहारनपुर व बागपत) मुख्यालय से जोड़े जाने का कार्य शीघ्रातिषीघ्र प्रारम्भ कराये जाने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 11 जनपदों को मार्च, 2016 तक तथा 08 जनपदों को मार्च, 2017 तक 4 लेन/2 लेन विद पेव्ड शोल्डर मार्ग से जोड़े जाने के कार्य को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015-16 में 119 दीर्घ सेतुओं तथा 120 लघु सेतुओं के निर्माण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिये वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरन्तर अनुश्रवण कर कार्यों में तेजी लायी जाये। उन्होंने सेतु कार्यों का प्रबन्धन इस प्रकार किये जाने के निर्देश दिये कि सेतु निर्माण के साथ-साथ पहुंच मार्ग का निर्माण भी पूर्ण कर लिया जाए, ताकि निर्मित सेतु का लाभ आम जनता को मिल सके।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री किशन सिंह अटोरिया ने बताया कि प्रदेष के मार्गों के रख-रखाव हेतु बजट मंे 14वां वित्त आयोग से 1000 करोड़ रू0 के सापेक्ष वित्त विभाग द्वारा 500 करोड़ रू0 की धनराषि उपलब्ध कराने की सहमति प्रदान की गयी थी, जिसमें से मात्र रू0 250 करोड़ की धनराषि ही अवमुक्त की गई है। इस पर मुख्य सचिव ने वित्त विभाग के अधिकारियों को अवशेष 250 करोड़ रू0 की धनराषि भी शीघ्रातिषीघ्र जारी किये जाने के निर्देश दिये। श्री अटोरिया ने अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अनुपूरक सहित कुल बजट व्यवस्था के विरूद्ध अब तक 72 प्रतिषत की स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। इन स्वीकृतियों के विरूद्ध माह जुलाई, 2015 तक 43 प्रतिषत व्यय हो चुका है।
प्रमुख सचिव लोक निर्माण ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत ग्रामीण सम्पर्क मार्गों का निर्माण एवं महत्वपूर्ण अन्य जिला मार्गों के उच्चीकरण का कार्य किया जा रहा है। विगत वित्तीय वर्ष एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस योजना में भारत सरकार से समुचित धनावंटन न हो पाने के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत मार्गों का नव निर्माण एवं निर्मित मार्गों का अनुरक्षण बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने बताया कि प्रदेष में रेल उपरिगामी सेतु निर्माण के सम्बन्ध में अवरोध का मुख्य कारण हाई टेन्षन लाईन का षिफ्ट न होना है। रेलवे विभाग द्वारा बिजली का ब्लाॅकेज न मिलने के कारण काफी समय तक कार्य बाधित रहता है, जिससे कार्य पूर्ण करने में बाधा आ रही है।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, वित्त विभाग, सेतु निगम एवं उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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