नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वे पुरस्कार लौटा रहे लोगों से बातचीत करने को तैयार हैं। देश का गृहमंत्री होने के नाते मुझे एेसा करना भी चाहिए, लेकिन अवॉर्ड लौटाने की वजह मुझे अब समझ नहीं आई। हालांकि इस सब के बावजूद मैं विरोध कर रहे लोगों से बातचीत करने के लिए तैयार हूं ताकि देश पर मंडराए बौद्धिक संकट को टाला जा सके। राजनाथ ने यह भी कहा अगर देश में एेसे ही विरोध चलता रहा तो देश टूट जाएगा।
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में राजनाथ ने कहा मैंने सभी को आमंत्रित किया था पर कोई भी जवाब नहीं आया। मैं एक बार फिर बुलाना चाहता हूं सभी को जिन्होंने अवॉर्ड वापस किया और उनसे पूछना चाहता हूं कि उनको क्या लगता है कि क्यों असहिष्णुता बढ़ रही है? ऐसा क्या हुआ और कैसे हम समाधान निकालें? क्योंकि ऐसी चीजों का समाधान मिलकर और बात करके ही निकाला जा सकता है। गृह मंत्री ने कहा कि बातचीत का दरवाजा खुला है, उसके बावजूद आप प्रदर्शन कर रहे हैं, अवॉर्ड वापस कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपनी सीमाएं हैं। वह हर मुद्दे पर नहीं बोल सकते। मंत्रालयों के मुद्दे निर्धारित हैं और उन पर पीएम के बयान की कोई जरूरत महसूस नहीं होती। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में विरोध की जो लहर चल रही उसमें कोई भी बात करने या समाधान बताने को राजी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है लेकिन कोई नहीं आ रहा तो कैसे समाधान निकलेगा? नफरत फैलाकर सरकार देश को नहीं चलाना चाहती।
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