नई दिल्ली/मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर दही-हांडी उत्सव की धूम रहेगी। उल्लेखनीय है कि इस मामले में बंबई हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद स्थानीय लोगों और आयोजकों में मायूसी छा गई थी। बंबई हाईकोर्ट के इस फैसले को कि 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों को पिरामिड बनाने के लिए शामिल नहीं किया जा सकेगा साथ ही हांडी 20 फुट से ऊंची नहीं रहेगी, को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि हाईकोर्ट के इस फैसले से 100 साल पुराने उत्सव का आकर्षण ही खत्म हो जाएगा।
देश की शीर्ष अदालत ने गुरुवार को कहा कि इस साल 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे दही हांडी फोड़ने वाली टीम में शामिल हो सकेंगे। साथ ही हांडी की ऊंचाई को लेकर भी कोई रोक नहीं रहेगी। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने कहा कि राज्य प्रशासन महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार सुरक्षा आयोग की ओर से बनाए गए सभी मार्गनिर्देशों और सुरक्षा उपायों का पालन करे। इस फैसले के बाद मुंबई में आयोजक एक बार फिर पूरे जोश के साथ उत्सव बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।
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