बीजेपी में शामिल AAP विधायक वेद प्रकाश बोले- 35 विधायक पार्टी के नेतृत्व से खुश नहीं


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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है. बवाना से आम आदमी पार्टी विधायक वेद प्रकाश ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. वेद प्रकाश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं किसी लालच में बीजेपी में नहीं आया. साफ-सुथरी राजनीति करने आया हूं. दिल्ली हर जगह रिश्वत चल रही है. नाकाम और बड़बोले लोगों में फंस गया हूं. अभी मेरे पास तीन साल का समय है. मैं बीजेपी में कोई पद नहीं लूंगा और पीएम मोदी की नीति से जुड़कर काम करूंगा और चाहूंगा कि पीएम मोदी का आशीर्वाद मिलता रहे. मैं विधानसभा से इस्तीफा देने जा रहा हूं.

वेद प्रकाश ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल को कुछ लोगों ने घेर रखा है. जो उन्हें कानों में बता दिया जाता है, वे यकीन कर लेते हैं. केजरीवाल को नहीं पता कि क्या चल रहा है. वह सिर्फ यही देखते हैं कि पीएम मोदी को और उप राज्यपाल को कैसे बदनाम किया जाए. आज तक जो भी काम हुआ है क्या उसे प्रोपर तरीके से ऊपर भेजा गया. सिर्फ यही नहीं चलेगा कि वे (केंद्र) काम नहीं करने देते. हम भी तो ठीक होने चाहिए. दिल्ली का हर आदमी ठगा हुआ महसूस कर रहा है.  मैं जाली खेल दिखाने वालों में फंस गया था. वेद प्रकाश ने यह भी कहा कि मैं काम करना चाहता हूं ताकि अपनी शक्ल अपने लोगों को दिखा सकूं.

वेदप्रकाश ने कहा कि मैं आम आदमी पार्टी में घुटन महसूस कर रहा था. वे विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए वादों को पूरा करने में असफल रहे. करीब 35 विधायक आम आदमी पार्टी के नेतृत्व से खुश नहीं हैं.

कांग्रेस के नेता अजय माकन ने कहा कि आम आदमी पार्टी से सब दुखी और नाराज़ हैं. उनके बहुत से विधायक हमारे भी संपर्क में हैं, लेकिन हम अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चलेंगे.

इस मामले पर आप नेता संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी का लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है. वे सरकारें बर्खास्त करके और तोड़फोड़ करके राज चलाना चाहती हैं. अरुणाचल प्रदेश में हमने देखा, उत्तराखंड में हमने देखा. मणिपुर और गोवा में हमने देखा कि किस तरह लोकतंत्र की हत्या करके सरकारें बनाई गई और सरकारें गिराई गई. यही काम MCD चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने शुरू किया है. हमारी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश शुरू की है. लेकिन इसका खामियाजा जनता चुनाव में वोट की ताकत से बीजेपी को अपना फैसला सुनाएगी और बीजेपी वैसे ही हारेगी जैसे 2015 में हारी थी.


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