
लखनऊ।पिछले दिनों योगी सरकार ने 41 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए थे। इनमें आनंद कुमार को प्रदेश के एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर तैनात किया गया। यूपी के नए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने शनिवार को डीजीपी हेडक्वॉर्टर में अपना कार्यभार संभल लिया। पदभार संभालने के दौरान एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। पदभार ग्रहण करते समय आईपीएस अधिकारी आनंद कुमार ने कहा कि मुझे महत्वपूर्ण जिम्मेदार सौपी गई है। उसका निर्वाह करना मेरी जिम्मेदारी है। कानून-व्यवस्था से किसी को भी खिलवाड़ करने नहीं दिया जायेगा।
एडीजी आनंद कुमा ने कहा कि घटना होने पर अफसरों को मौके पर पहुंचना होगा। लपरवाही पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। एडीजी ने आजमगढ़ जहरीली शराब कांड पर बोलते हुए कहा कि इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। आनंद कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार और तमाम शिकयत मिलने पर जांच कर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि टेक्नॉलजी से पुलिस विभाग को और मजबूत बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा प्रशासन के लिए चुनौती है। उसे शांति पूर्ण कराना पुलिस की जिम्मेदारी है जिसे लेकर सारी कवायद की जा रही है।
गौरतलब है कि योगी सरकार ने पिछले दिनों 41 आइपीएस अफसरों का तबादला करते हुए सरकार ने भर्ती बोर्ड और इओडब्लू समेत कई विभागों के डीजी बदल दिए थे। इस फेरबदल में अभी 24 अप्रैल को एडीजी कानून-व्यवस्था बनाए गए आदित्य मिश्र को हटाकर उनकी जगह आनन्द कुमार को जिम्मेदारी सौंप दी गई। आनन्द कुमार, आदित्य मिश्र से वरिष्ठ अधिकारी हैं। सेनानायक पीएसी गौतमबुद्धनगर मंजिल सैनी को मेरठ का एसएसपी बनाया गया। रायबरेली में पांच युवाओं की सामूहिक हत्या का ठीकरा वहां के एसपी गौरव सिंह पर फूटाऔर उन्हें सुरक्षा मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। कुल 12 जिलों बलरामपुर, मुरादाबाद, मेरठ, गोरखपुर, मथुरा, पीलीभीत, सुलतानपुर, वाराणसी, कौशांबी, बांदा और जालौन में नए एसपी-एसएसपी तैनात किए गए। इन जिलों में कानून-व्यवस्था को लेकर शिकायतें रही। सरकार ने तैनाती में साफ सुथरी और कड़क छवि का भी ख्याल रखा है।
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