अखिलेश के आरोपों पर योगी सरकार का पलटवार, दीवार के पीछे क्या छिपा था?


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lucknow |  बंगला विवाद को लेकर सियासत सरगर्म है इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर योगी सरकार पर बदले की सियासत करने का आरोप लगाया। इस पर योगी सरकार ने पलटवार किया है। सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश ने स्वीकार किया है कि उन्होंने बंगले में बहुत खर्च किया। सरकारी बंगले को आलीशन भवन बनाने में जो पैसे खर्च किए गए थे, वो पैसे कहां से आए। अखिलेश यादव को इसका हिंसाब देना चाहिए।
सिंह ने कहा कि अखिेलश को जिस हालत में बंगला मिला था, उन्होंने उसी हालत में बंगला वापस नहीं लौटाया है। अखिलेश जिस बंगले में रह रहे थे, वह सरकार की संपत्ति है। उन्हें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का हक नहीं है। बंगले की टूटी दीवार को लेकर योगी सिद्धार्थनाथ ने कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि आखिर, उस दीवार के पीछे क्या रहस्य छिपे थे, जो दीवार तोड़ दी गई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं, उनकी भाषा संयमित होनी चाहिए थी। सरकारी बंगला छोड़ने का आदेश सुप्रीम कोर्ट का था, जिसे सभी को इज्जत करनी चाहिए।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अखिलेश के बंगला खाली करने के बाद कोई आईएएस अफसर वहां नहीं गया था। यह बंगला राज्य संपत्ति विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जरूर गए थे। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल ने सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद एसपी अध्यक्ष मीडिया के सामने आए और योगी सरकार पर बदले की सियासत करने का आरोप लगाया।


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