
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने चाचा और एसपी के प्रदेश अध्यक्ष पर परोक्ष हमला बोला. अखिलेश ने कहा कि ‘कुछ लोग’ उनकी सुनेंगे, लेकिन जब समाजवादी पार्टी का सब कुछ बिगड़ जाएगा. यहां राजधानी में एसपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान अखिलेश ने शिवपाल पर निशाना साधा. उन्होंने लोहिया की बातें दोहराते हुए कहा, “वह कहते थे कि लोग उनकी सुनेंगे, लेकिन उनके मरने के बाद.”
अखिलेश ने कहा, “हम इसमें थोड़ा संशोधन करना चाहते हैं. हम कहना चाहते हैं कि कुछ लोग मेरी बात सुनेंगे, लेकिन पार्टी का सबकुछ बिगड़ जाने के बाद.” इस मौके पर अखिलेश नौजवानों के साथ खड़े दिखाई दिए. उन्होंने कहा, “हम उन लोगों का साथ कैसे छोड़ दें, जिन्होंने हमारे साथ आंदोलन में लाठियां खाई हैं. हम उनके लिए किसी भी परीक्षा से गुजरने के लिए तैयार हैं.”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने पहले भी परीक्षा दी है. सबने देखा है, आगे भी अगर कोई परीक्षा लेना चाहता है तो मैं तैयार हूं.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि उन्होंने बनारस से चुनाव लड़ा और प्रधानमंत्री बने. लेकिन उन्होंने आदर्श गांव के अलावा और कहीं कोई काम नहीं किया है.
अखिलेश ने कहा, “यूपी का विधानसभा चुनाव देश के भविष्य की दिशा तय करेगा और इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को किसी भी कीमत पर हराना है. बीजेपी पूरी तरह से माहौल खराब करने में जुटी है. हमने विकास के बहुत काम किए हैं. हमारा मुकाबला कोई नहीं कर सकता.
मुख्यमंत्री के रूप में अपनी कैबिनेट से चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित चार मंत्रियों को बर्खास्त कर चुके अखिलेश यादव ने आज कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि उनके हाथ में तलवार थमायी जाए और फिर कहा जाए कि वह उसे चलायें नहीं. अखिलेश ने कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति का नाम लेते हुए कहा, ‘‘प्रजापति को कहेंगे कि हमें (आप) तलवार दे देते हो भेंट में और उधर कहते हो कि मैं तलवार ना चलाउं. ऐसा कैसे हो सकता है.’’
समारोह के संयोजक गायत्री ने मंच पर बैठे सभी अतिथियों का तलवार देकर स्वागत किया था. गायत्री को अखिलेश एक बार अपनी कैबिनेट से बर्खास्त कर चुके हैं. अखिलेश ने इसी बहाने संभवत: यह समझाने की कोशिश की कि मुख्यमंत्री बनाया है तो वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे.
एसपी के भीतर मचे घमासान का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि लोगों को उनकी बात समझ आएगी लेकिन उनके मरने के बाद. ‘‘मैं इसी बात को दूसरे रूप में कहता हूं कि लोगों को समझ में आएगा लेकिन एसपी का नुकसान हो जाने के बाद.’’ उन्होंने कहा, कि उत्तर प्रदेश भारत का भविष्य है. आने वाले समय में जो चुनाव (विधानसभा) होने जा रहा है, वो भारत का भविष्य तय करेगा कि देश किस तरफ जाएगा.
अखिलेश ने कहा कि केन्द्र की सत्ता में बैठी बीजेपी ने लोगों में मतभेद पैदा किये हैं. बीजेपी के लोगों ने दूरियां पैदा की हैं. उनका सत्ता का रास्ता वहीं से निकलता है. उत्तर प्रदेश की जनता ने बीजेपी को 70 से अधिक सांसद दिये लेकिन राज्य को आदर्श गांव योजना से ज्यादा कुछ नहीं मिला.
अखिलेश ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ और नौजवान नेता सभी बीएसपी और बीजेपी के खिलाफ लडे हैं. उन्होंने साइकिल चलायी है और खून पसीना बहाया है. वह हर तरह की परीक्षा देने को तैयार हैं. हमारा लक्ष्य बीएसपी और बीजेपी की पराजय सुनिश्चित करना है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के 2017 विधानसभा चुनाव में एक बार फिर एसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी. ‘‘दुनिया में जितने भी लोग हैं, वो महसूस करते हैं समाजवादी विचारधारा ही हर वर्ग के लोगों को आगे बढ़ाने का काम करती है.’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से एसपी के रजत जयंती वर्ष की शुरूआत हो रही है और प्रदेश में एसपी की सरकार है. हम चाहते हैं कि जब रजत जयंती समारोह संपन्न हों, तब भी एसपी की ही सरकार रहे. उन्होंने कहा कि एसपी 2017 में तो सरकार बनाएगी ही, 2019 में भी उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक फैसला होगा. यह कहकर अखिलेश ने भविष्य में जनता परिवार और समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावना से इंकार नहीं किया.
https://rashtriyadinmaan.com
