
लखनऊ |
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्षों में ही विकास अवरूद्ध हो गया है। फर्जी आंकड़े बनाकर उपलब्धियों के जो दावे किए जा रहे हैं, उनकी सच्चाई प्रदेश की जनता भलीभांति जानती है। विकास पूछ रहा है, उत्तर प्रदेश के ठोकीदार से त्रस्त जनता के लिए राहत का कोई उपाय है क्या? प्रदेश की जनता के दो साल संकट के सौ साल लग रहे हैं। सच तो यह है कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। जनता की राय में और उसके रिपोर्ट कार्ड में 10 में केवल 0 अंक ही दिए जा सकते हैं।
श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का सबसे बड़ा दावा कानून व्यवस्था में सुधार का है। यह सफेद झूठ है। गृहमंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक साम्प्रदायिक घटनाओं और मौतों को दर्ज किया गया है। सन् 2017 में उत्तर प्रदेश में 195 साम्प्रदायिक घटनाएं हुई जिनमें 44 लोग मारे गए और 540 घायल हुए। पुलिस ने मुख्यमंत्री जी की ठोकों नीति को अपनाते हुए निर्दोष 63 लोगों के एनकाउण्टर कर दिए। इनमें अधिकांश दलित, मुस्लिम और पिछड़े समुदाय के हैं। सन् 2018 के तीन महीने (16 मार्च से 30 जून) में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ 76000 अपराध दर्ज किए गए। इनमें महिलाओं से बलात्कार के 5,600 और बच्चियों से दुष्कर्म के 7,018 मामले दर्ज हुए है।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौंसले इतने बुलन्द हैं कि वह पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूकते हैं। 14 नवम्बर में सहारनपुर में पुलिस की टीम पर अवैध खनन माफिया ने हमला किया। 3 मई को मेरठ में शराब माफिया ने दो थानों की पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। 3 दिसम्बर 2017 में बहराइच में पुलिस टीम पर हमला हुआ। 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पुलिस के तीन सिपाहियों की पिटाई कर दी गई। 1 नवम्बर 2018 को सीतापुर के एस.एस.पी के सामने दरोगा को पीटा गया।
रोजगार के मोर्चे पर भाजपा बुरी तरह विफल रही है। बेरोजगारी बढ़ी है। शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे हैं। उर्दू शिक्षकों की भर्ती रद्द हैं। भाजपा ने छात्रों को मुफ्त लैपटाॅप देने का वादा किया था उसके लिए सरकार ने पहले दो बजटों में धन ही नहीं आवंटित किया। प्रतिमाह वन जीबी इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को नहीं मिली। प्रदेश में 10 विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों की स्थापना अधूरी है। कोई नई सरकारी पालीटेक्निक नहीं बनी। अयोध्या में संस्कृत महाविद्यालय की घोषणा भी हवाई साबित हुई। भाजपा सरकार में नौकरियों का अकाल रहा। पुलिस की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जेल में हत्याएं हो रही है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने प्रदेश के 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ करने का वादा किया था। इनमें अधिकांश को 5 रूपया, 10 रूपया तक का ऋण माफ हुआ। किसानों की आय दुगनी करने का वादा कोरा वादा है। आवारा पशुओं से किसान परेशान है। किसानों को आलू, प्याज लहसुन, मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल पाया। किसान को सस्ती बिजली की जगह उसकी दरें बढ़ गई हैं। एक यूनिट बिजली भी राज्य में उत्पादित नहीं हुई। गन्ना किसान अभी तक अपने बकाये के इंतजार में कर्जदार हैं और आत्महत्या कर रहे हैं।
समाजवादी सरकार ने गरीब महिलाओं को पेंशन सुविधा दी थी उसे रोक दिया गया है। गोरखपुर में जापानी बुखार के इलाज के लिए समाजवादी सरकार ने एम्स के लिए मुफ्त जमीन दी थी, वह अब तक नहीं बन पाया। गोरखपुर में ही आक्सीजन की कमी से तीन दिनों में 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी।
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