यादव सिंह प्रकरण पर अखिलेष यादव इस्तीफा दें – डा0 बाजेपयी


mail.google.comलखनऊ |  अरबों के नोएडा विकास प्राधिकरण घोटाले के मुख्य आरोपी यादव सिंह पर चल रही सी.बी.आई. जांच को रूकवाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में उ0प्र0 सरकार द्वारा लायी गई एस.एल.पी. को  खारिज किये जाने का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय ने आम देशवासियों का न्यायालय के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
डा0 बाजपेयी ने कहा कि सी.बी.आई. जांच यादव सिंह के खिलाफ चल रही थी यदि जांच रूकवाने के लिए न्यायालय के शरण में यादव सिंह जाते तो किसी को आपत्ति नहीं होती किन्तु जिस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई के रूपये को लूटा कर सरकार ने यादव सिंह को बचाने के लिए  उच्चतम न्यायालय में अपील की उससे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी को बचाने की उसकी मंशा की कलई खुल गई।
डा0 बाजपेयी ने पूछा कि आखिर किस रहस्य को उजागर होने से बचाने का प्रयास अखिलेश सरकार कर रही है ? सी.बी.आई. जांच की आंच में ऐसे कौन से लोगों की आने की संभावना है जिसको बचाने के लिए अखिलेश सरकार ने अपनी पूरी साख दांव पर लगा दी ?
डा0 बाजपेयी ने बसपा पर निशाना साधते हुए पूछा कि हर महीने प्रेसवात्र्ता कर प्रदेश की जनता की हितचिन्ता करने का ढ़ोंग करने वाली सुश्री मायावती चुप क्यों है ? उन्होंने यादव सिंह प्रकरण पर बसपा सुप्रीमों सहित सभी नेताओं की चुप्पी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की जनता समझदार है वो सब समझ रही है।
डा0 बाजपेयी ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सपा-बसपा में गठजोड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव घोषणा पत्र में उल्लेखित भ्रष्टाचार आयोग कब बनेगा ?
डा0 बाजपेयी ने अखिलेश सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि अब श्री अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं उन्हें इस्तीफा देकर नया जनादेश लेना चाहिए। इसके पूर्व डा0 बाजपेयी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल सी.बी.सी.आई.डी. मुख्यालय पर जाकर यादव सिंह प्रकरण की सी.बी.सी.आई.डी. द्वारा की गई जांच की फाइल देखने सम्बन्धी आर.टी.आई. लगाई। प्रतिनिधि मण्डल में प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष शुक्ला, पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह डंग, विभूति नारायण सिंह, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री प्रांशू द्विवेदी आदि लोग रहे।

Scroll To Top
Translate »