
लखनऊ | समाजवादी पार्टी के अंदर इन दिनों शक्ति प्रदर्शन का दौर जारी है। स्पेशल वाहन के जरिए अपने विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाकर खुद को सबसे लोकप्रिय नेता साबित करने के लिए यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने हाईटेक रथ भी तैयार करवाया है। । इसके जरिए अखिलेश 3 नवंबर से जनता के बीच जाएंगे और अपनी सरकार के विकास कार्यों को बताएंगे। अखिलेश यादव के इस हाईटेक रथ में भी परिवार के बीच जारी खींचतान की झलक नजर आ रही है। हाइटेक प्रचार वाहन से सपा के प्रदेश अध्यक्ष और चाचा शिवपाल यादव की फोटो गायब है। बता दें कि पिछले कुछ समय से अखिलेश और शिवपाल के बीच जंग जारी है।
समाजवादी सरकार के इस विकास रथ पर सीएम अखिलेश यादव का साइकिल चलाते हुए एक बड़ा फोटोग्राफ लगा हुआ है। बस के सामने की ओर साइकिल का फोटो है, जो कि समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। समाजवादी रथ के पीछे पार्टी सुप्रीमो और पिता मुलायम सिंह यादव की दो फोटो लगी हुई है। लेकिन इस पूरे रथ से चाचा शिवपाल सिंह की फोटो गायब है। जिन तीन और लोगों की ब्लैक एंड वाइट तस्वीर रथ पर दिखाई देती है वह हैं राम मनोहर लोहिया जनेश्वर मिश्र और जयप्रकाश नारायण।
गौरतलब है कि सपा में मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के विलय से अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच रिश्तों में तल्खी बढ़ी थी। अखिलेश यादव इस विलय के खिलाफ थे जबकि शिवपाल सिंह यादव ने इस विलय को कराया था। जिससे नाराज अखिलेश ने शिवपाल सिंह के मंत्रालय छिन लिए थे। जवाब में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर उनकी जगह शिवपाल को यूपी ईकाई का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। तब से लेकर अब तक चाचा-भतीजे के बीच जंग जारी है। मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ ले लिया जब अखिलेश ने शिवपाल समेत कई मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव कल (3 नवंबर 2016) ‘‘विजय की ओर विकास रथ यात्रा’’ के प्रथम चरण पर लखनऊ से उन्नाव तक के लिए निकलेंगे। वे दूसरी बार प्रदेश के मतदाताओं से अपने विकास कार्यो पर बहुमत की मुहर लगाने के लिए समर्थन जुटायेंगे। उनकी इस यात्रा को लेकर नौजवानों, अल्पसंख्यकों, किसानों, वकीलों, व्यापारियों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गो में भी उत्साह चरम पर है। लखनऊ से उन्नाव तक इस विकास रथ के स्वागत की तैयारियों को अंतिम रुप दिया जा चुका है। शहर और गाँव होर्डिंग, पोस्टरों और पार्टी के झण्डो से पटे पड़े हैं।
श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में निकल रही इस यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में उनके समर्थक लखनऊ पहुँच चुके हैं। लखनऊ से उन्नाव के रास्ते में लगभग 100 किमी तक यह संख्या लाखों तक पहुँचेगी। जनता मानती है कि ऐसा बेदाग छवि का कर्मठ मुख्यमंत्री ही उनका सच्चा हमदर्द है। लोग यह मानने लगे है कि जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान समाजवादी सिद्धान्तों पर ही चलकर हो सकता है।
श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में समाज के हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनांए लागू की है। गाँव और शहर के विकास पर समान रुप से ध्यान दिया है। शेरशाह सूरी के बाद 300 किमी लंबी एक्सपे्रस वे सड़क का निर्माण एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसे समाजवादी सरकार में अखिलेश जी ने ही अंजाम दिया है।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव 3 नवंबर 2016 को लामार्टिनियर कालेज लखनऊ के मैदान से प्रातः 9 बजे विकास रथ पर रवाना होंगे। उनका 1090 चैराहा, सी0एम0एस0 चैराहा, पत्रकारपुरम, अहिमामऊ, अमौसी, सरोजनी नगर, बंथरा, जुनाबगंज चैराहा, तत्पश्चात जनपद उन्नाव के सोहरामऊ, आशाखेड़ा, अजगैन चैराहा, चमरौली, ओवरब्रिज बाईपास, शुक्लागंज स्टेडियम, सैजनी मोड़, मगरवारा, करोन मोड़, आदर्शनगर पुलिया, गाँधीनगर तिराहा, आई0बी0 चैराहा तथा आवास विकास पर भव्य स्वागत होगा। श्री अखिलेश यादव शुक्लागंज स्टेडियम पर सांय जनसभा को सम्बोधित करेंगे। जहाँ-जहाँ से भी अखिलेश का रथ गुजरेगा वहाँ स्थानीय लोग अपने प्रिय नेता के स्वागत की अभी से तैयारियाँ में जोर शोर से लगे हैं।